BREAKING NEWS

कोविड-19 ओमीक्रोन स्वरूप से उठी संक्रमण की लहर को लेकर चिंतित दक्षिण अफ्रीका के वैज्ञानिक◾साउथ अफ्रीका से कर्नाटक आए 2 लोग कोरोना पॉजिटिव, राज्य में मचा हड़कंप◾WHO ने ओमिक्रॉन कोविड वैरिएंट को लेकर सभी देशों को सतर्क रहने को कहा◾भारत ड्रोन का इस्तेमाल वैक्सीन पहुंचाने के लिए करता है, केंद्रीय मंत्री ने साधा पाकिस्तान पर निशाना ◾सोमवार से दिल्ली में फिर खुलेंगे स्कूल, उपमुख्यमंत्री सिसोदिया ने दी जानकारी◾UP: प्रतिज्ञा रैली में BJP पर जमकर गरजी प्रियंका, बोली- 'इनका काम केवल झूठा प्रचार करना'◾राजनाथ ने मायावती और अखिलेश पर तंज कसते हुए कहा- उप्र को न बुआ और न बबुआ चाहिए, सिर्फ बाबा चाहिए◾कांग्रेस नेता आजाद ने केंद्र पर साधा निशाना, कहा- केंद्र शासित प्रदेश बनने से DGP को थानेदार और सीएम को MLA... ◾ट्रेक्टर मार्च रद्द करने के बाद इन मुद्दों पर अड़ा संयुक्त किसान मोर्चा, कहा - विरोध जारी रहेगा ◾ओमिक्रोन कोरोना का डर! PM मोदी बोले- अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने के फैसले की फिर हो समीक्षा◾अक्षर और अश्विन की फिरकी के जाल में फंसा न्यूजीलैंड, पहली पारी में 296 रनों पर सिमटी कीवी टीम ◾'जिहाद यूनिवर्सिटी': पाकिस्तान का वो मदरसा जिसके पास है अफगानिस्तान में काबिज तालिबान की डोर◾अखिलेश यादव ने किए कई चुनावी ऐलान, बोले- अब जनता BJP का कर देगी सफाया ◾संसद में बिल पेश होने से पहले किसानों का बड़ा फैसला, स्थगित किया गया ट्रैक्टर मार्च◾दक्षिण अफ्रीका में बढ़ते नए कोरोना वेरिएंट के मामलों के बीच पीएम मोदी ने की बैठक, ये अधिकारी हुए शमिल ◾कोरोना के नए वैरिएंट को राहुल ने बताया 'गंभीर' खतरा, कहा-टीकाकरण के लिए गंभीर हो सरकार◾बेंगलुरू से पटना जा रहे विमान की नागपुर एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग, 139 यात्री और क्रू मेंबर थे सवार ◾कृषि कानूनों को रद्द करने की घोषणा के बाद आंदोलन का कोई औचित्य नहीं : नरेंद्र सिंह तोमर ◾NEET PG काउंसलिंग में देरी को लेकर रेजिडेंट डॉक्टर्स की हड़ताल, दिल्ली में ठप पड़ी 3 अस्पतालों की OPD सेवांए◾नवाब मलिक ने किया दावा, बोले- अनिल देशमुख की तरह मुझे भी फंसाना चाहते हैं कुछ लोग◾

प्रवासी मजदूरों के लिए देश में एक नीति बने : ललन

पटना, 10 जून: बिहार में लाखों की संख्या में मजदूर घर लौटे हैं। राज्य से 20-25 लाख से ज्यादा लोग अन्य प्रदेशों में जाकर रोजी-रोटी जुटा रहे थे, अब ये लोग वापस अपने राज्य लौट आए हैं। अब इनके सामने सबसे बड़ी समस्या रोजगार की है। 

इस बीच, अखिल भारतीय युवक कांग्रेस की बिहार इकाई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ललन कुमार ने कहा कि इस महामारी में राज्यों के लिए केंद्र को खुले दिल से अपना खजाना खोलना चाहिए। उन्होंने प्रवासी मजदूरों के लिए एक नीति बनाने पर भी जोर दिया। 

उन्होंने कहा, 'राज्यों को जो हक है, कम से कम उसे मिलना चाहिए। केंद्र और राज्य सरकार को मजदूरों के इस संकट में आगे आना चाहिए।'

उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी में प्रवासी मजदूरों ने सबसे अधिक कष्ट सहे हैं। इनके साथ बाहरी जैसा व्यवहार हुआ है। केंद्र सरकार ने विदेशों में रहने वाले एक लाख लोगों को लाने का काम किया लेकिन अपने ही देश के मजदूरों को भाग्य भरोसे छोड़ दिया। बाद में मजदूर जिस तरह साइकिल से और पैदल हजारों किलोमीटर चले ऐसे भयावह दृश्य लोगों ने देखा है। 

उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूरों के लिए पूरे देश में एक नीति बनाई जानी चाहिए जिससे इनके रोजगार को लेकर कोई परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। उन्होंने बिहार सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि बिहार सरकार अब तक लौटे मजदूरों को रोजगार देने में विफल साबित हुई है। 

इधर, महिला कांग्रेस बिहार की पूर्व उपाध्यक्ष मंजूबाला पाठक ने कहा कि आए मजूदरों को लेकर बिहार सरकार प्रतिदिन आंकड़ा प्रस्तुत कर रही है, लेकिन उन्हें रोजगार देने के लिए क्या कर रही है, कुछ नहीं बता रही । 

उन्होंने कहा कि जिस राज्य के मुख्यमंत्री ही कोरोना काल में घरों में कैद हो गए हों उनसे मजदूरों के लिए राहत की अपेक्षा करना ही बेमानी है। उन्होंने आशंका जताते हुए कहा कि बिहार में फाइलों पर ही मजदूरों को काम बांट दिया जाएगा।