मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से गुरूवार को एक इलेक्ट्रिक कार पर सवार होकर पटना के एक अणे मार्ग स्थित अपने सरकारी आवास से बिहार विधानसभा पहुंचे । विधानसभा के प्रवेश द्वार पर नीतीश के इलेक्ट्रिक कार पर सवार होकर वहां पहुंचने पर परिवहन विभाग के प्रधान सचिव संजय अग्रवाल ने एक गुलदस्ता भेंटकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
बाद में नीतीश को यह कहते हुए सुना गया कि इस कार में यात्रा करना आनंदायक है और यह लगभग ध्वनि रहित एवं आरामदायक है, नीतिश ने यह भी कहा कि इलेक्ट्रिक कार के इस्तेमाल से प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी ।
इस अवसर पर पत्रकारों से बात करते हुए अग्रवाल ने कहा कि टाटा मोटर्स द्वारा निर्मित इस कार को चार घंटे चार्ज किए जाने पर इससे 150 किलोमीटर की दूरी तय की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि इस कार की कीमत 11 लाख रुपये है और इसमें बिजली की लागत 80 पैसे प्रति किलोमीटर आती है । उन्होंने बताया कि आर्थिक व्यवहार्यता के अलावा यह शून्य प्रदूषण उत्पन्न करता है और हम एक अणे मार्ग (मुख्यमंत्री आवास) और बिहार विधानसभा परिसर में चार्जिंग प्वाइंट स्थापित करने की प्रक्रिया में हैं। प्रधान सचिव ने कहा कि इलेक्ट्रिक कारों की पर्यावरण के अनुकूल प्रकृति को उजागर करने के लिए ऐसे सभी वाहनों में हरे रंग की छाया वाली नंबर प्लेट होंगी।
मुख्यमंत्री के इलेक्ट्रिक कार से उतरने के बाद उसके चालक गणेश से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इस गाड़ी चलाना बहुत आसान है और इसमें बार-बार गियर बदलने की जरूरत नहीं है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट में, इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद के वास्ते लिए गए ऋणों के ब्याज के भुगतान पर कर में 1.5 लाख रुपये की अतिरिक्त छूट दिए जाने की घोषणा को नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा बिना डीजल या पेट्रोल के चलने वाली इको-फ्रेंडली कारों के उपयोग को बढ़ावा देने के रूप में देखा गया था।


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