BREAKING NEWS

नए कोविड दिशा-निर्देश: सभी जरूरी इंतजाम समय पर किए जाएंगे: दिल्ली हवाई अड्डा◾भारत में‘ओमीक्रोन’ का एक भी मामला नहीं, दक्षिण अफ्रीका से आये एक व्यक्ति में डेल्टा से अलग वायरस प्रतीत ◾किसानों को फसल बुवाई के लिए पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए : मुख्यमंत्री ◾केजरीवाल जी दिल्लीवासियों तक आयुष्मान भारत योजना नहीं पहुंचने दे रहे हैंः BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा◾1 दिसंबर को सिंघु बॉर्डर पर किसान संगठनों की बैठक, क्या आंदोलन खत्म करने पर होगी चर्चा ?◾कोविड अनुकंपा राशि के कम दावों पर SC ने जताई चिंता, कहा- मुआवजे के लिए प्रक्रिया को सरल बनाया जाए◾जिनके घर शीशे के होते हैं, वो दूसरों पर पत्थर नहीं फेंका करते.....सिद्धू का केजरीवाल पर तंज ◾उमर अब्दुल्ला ने कांग्रेस की चुप्पी पर उठाए सवाल, बोले- अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए NC अपने दम पर लड़ेगी◾चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कहा- भविष्य में युद्ध जीतने के लिए नई प्रतिभाओं की भर्ती की जरूरत◾शशि थरूर की महिला सांसदों सग सेल्फी हुई वायरल, कैप्शन लिखा- कौन कहता है लोकसभा आकर्षक जगह नहीं?◾ओवैसी बोले- CAA को भी रद्द करे मोदी सरकार..पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा- इनको कोई गंभीरता से नहीं लेता◾ 'ओमीक्रोन' के बढ़ते खतरे के चलते जापान ने विदेशी यात्रियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की◾IND VS NZ के बीच पहला टेस्ट मैच हुआ ड्रा, आखिरी विकेट नहीं ले पाई टीम इंडिया ◾विपक्ष को दिया बड़ा झटका, एक साथ किया इतने सारे सांसदों को राज्यसभा से निलंबित◾तीन कृषि कानून: सदन में बिल पास कराने से लेकर वापसी तक, जानिये कैसा रहा सरकार और किसानों का गतिरोध◾कृषि कानूनों की वापसी पर राहुल का केंद्र पर हमला, बोले- चर्चा से डरती है सरकार, जानती है कि उनसे गलती हुई ◾नरेंद्र तोमर ने कांग्रेस पर लगाया दोहरा रुख अपनाने का आरोप, कहा- किसानों की भलाई के लिए थे कृषि कानून ◾ तेलंगाना में कोविड़-19 ने फिर दी दस्तक, एक स्कूल में 42 छात्राएं और एक शिक्षक पाए गए कोरोना संक्रमित ◾शीतकालीन सत्र में सरकार के पास बिटक्वाइन को करेंसी के रूप में मान्यता देने का कोई प्रस्ताव नहीं: निर्मला सीतारमण◾विपक्ष के हंगामे के बीच केंद्र सरकार ने राज्यसभा से भी पारित करवाया कृषि विधि निरसन विधेयक ◾

बिहार के 15 जिलों में बाढ़ से हाहाकार, 20 लाख लोग प्रभावित

बिहार में कई नदियां अभी भी खतरे के निशान से उपर बह रही हैं। राज्य के 15 जिलों की करीब 20 लाख की आबादी अभी भी बाढ़ से प्रभावित है। इस बीच, अब तक 53 लोगों की मौत हो चुकी है। आपदा प्रबंधन विभाग का दावा है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं। इस बीच बाढ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए 477 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि बांटी गई है।
आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक राज्य के 15 जिलों के 83 प्रखंडों की कुल 394 पंचायतें बाढ़ से आंशिक या पूर्ण रूप से प्रभावित है। वहां की 19.92 लाख से अधिक की आबादी बाढ़ की चपेट में है। आपदा प्रबंधन विभाग ने इन जिलों में राहत व बचाव का कार्य तेज कर दिया है। विभाग के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि पटना के अलावा वैशाली, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, खगड़िया, सहरसा, भागलपुर, सारण, कटिहार, मुंगेर, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, मधेपुरा, समस्तीपुर जिले बाढ़ से प्रभावित हैं।

इन जिलों में बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की 17 और एसडीआरएफ की 12 टीमों को लगाया गया है। इसके अलावा 2 एनडीआरएफ की और 3 एसडीआरएफ की अन्य टीमें दूसरे बाढ़ प्रभावित जिलों में पहले से तैनात हैं। प्रभावित इलाकों में 1,800 से अधिक नावों का परिचालन किया जा रहा है। अधिकारी का कहना है कि जरूरत के अनुसार इन नावों की संख्या बढ़ाई भी जा सकती है। अधिकारी ने बताया कि अब तक बाढ़ प्रभावित इलाकों में 3 लाख 70 हजार से ज्यादा पॉलीथीन शीट और 4 लाख 75 हजार सूखा राशन पॉकेट बांटे गये हैं।

इसके अलावा सभी जिलों में फसल के नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। आकलन होने के बाद किसानों को क्षतिपूर्ति की जाएगी। प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर और सामुदायिक किचेन चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ के पानी से अब तक 53 लोगों की मौत हो चुकी है। विभाग के मुताबिक अब तक 7,95,538 बाढ़ प्रभावित परिवारों को अनुग्राहिक राहत राशि (जीआर) के राशि के रूप में प्रति परिवार को 6000 रुपये की दर से कुल 477.32 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया गया है। उल्लेखनीय है कि राज्य के प्रमुख नदियां गंडक, कोसी, बागमती, बूढ़ी गंडक, कमला बलान, गंगा, महानंदा नदी अभी भी कई स्थानों पर खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं।