BREAKING NEWS

गुजरात विजय पर बोले असम के सीएम शर्मा- यह तो ट्रेलर है... असली पिक्चर 2024 के लोकसभा चुनाव में दिखाएंगे◾ओडिशा उपचुनाव सीट पर बीजेपी की हार, बीजद उम्मीदवार ने भारी मतों से जीत की हासिल◾सोने की चमक में उछाल, दर्ज की गई 211 की बढ़ोत्तरी, चांदी इतने रूपए के साथ फिसली◾गुजरात में बजा 'मोदी' का डंका, जीत को लेकर जनता का आभार प्रकट किया, हिमाचल पर भी कही यह बड़ी बात◾गुजरात में 'BJP' की प्रचंड जीत, राज्य में चल पड़ा 'घर-घर मोदी' नड्डा ने कहा: भाजपा की ऐतिहासिक विजय◾खतौली सीट पर फैल हुई BJP की रणनीति, रालोद प्रत्याशी मदन भैया ने भाजपा को इतने वोटों से पछाड़ा, देखें पूरा समीकरण ◾रामपुर पर 'BJP' ने रचा इतिहास, 26 साल के चक्रव्यूह को तोड़कर एक नए युग की शुरूआत, इतने भारी मतों से हारी 'सपा'◾खतौली सीट पर फेल हुई BJP की रणनीति, रालोद प्रत्याशी मदन भैया ने भाजपा को इतने वोटों से पछाड़ा, देखें पूरा समीकरण ◾गुजरात में भाजपा की प्रचंड जीत के बाद भूपेंद्र पटेल फिर से संभालेंगे मुख्यमंत्री पद, 12 दिसंबर को लेंगे शपथ ◾HP: 'मोदी लहर' में फेल हुए 'जयराम ठाकुर', कहा- मैं जनादेश का करता हूं सम्मान...राज्यपाल को सौंप रहा हूं इस्तीफा ◾ संजय सिंह ने कहा- 10 साल में राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल किया, गुजरात के लोगों के शुक्रगुजार हैं ◾Gujarat Election: EVM में गड़बड़ी का आरोप लगाकर कांग्रेस प्रत्याशी भरत सोलंकी ने की आत्महत्या की कोशिश◾गुजरात चुनाव : AAP के मुख्यमंत्री पद के चेहरे इसुदान गढ़वी की हार, भाजपा को 18,000 मतों से मिली शिकस्त ◾मोदी गढ़ में फिर 'डबल इंजन' सरकार, शाह ने कहा- गुजरात की जनता ने 'फ्री की रेवड़ी' और 'खोखले वादों' को नकारा◾Gujarat: 'कमल' की जीत पर बोले पवार- गुजरात में चल गया 'मोदी मेजिक'... लेकिन 2024 में नहीं चलेगा ◾Tata स्टील को सुप्रीम कोर्ट से लगा बड़ा झटका, जानिए 35000 करोड़ का क्या है मामला◾Mainpuri: डिंपल यादव ने किया बड़ा फेर- बदल, जीत दर्ज कर ले गई लोकसभा सीट◾अखिलेश यादव ने शिवपाल को दिया समाजवादी पार्टी का झंडा, सपा में प्रसपा के विलय की तेज हुई अटकलें ◾'भारत जोड़ो यात्रा' पहुंचेगी पश्चिम बंगाल में..., राहुल औऱ प्रियंका निभाएंगे अहम भूमिका, जानें पूरी रणनीति◾आजम खान के गढ़ में हुआ बड़ा उलटफेर, रामपुर किला ढहाने की ओर भाजपा◾

किसके आदेश पर लालू को रिम्स निदेशक के बंगले में स्थानांतरित किया गया : झारखंड HC

झारखंड हाई कोर्ट ने शुक्रवार को राज्य सरकार से पूछा कि आखिर किसके आदेश पर चारा घोटाले में सजायाफ्ता लालू प्रसाद यादव को राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) के निदेशक के, ‘केली’ बंगले में स्थानांतरित किया गया था और पुनः उन्हें हाल में बंगले से 'पेइंग वार्ड' में स्थानांतरित कर दिया गया?

लालू यादव द्वारा रिम्स में इलाज के लिए मिली सुविधाओं के कथित दुरुपयोग से संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह ने राज्य सरकार से यह सवाल किए।

उच्च न्यायालय ने यह भी जानना चाहा कि आखिर अस्पताल में लालू के सेवादार की नियुक्ति किस आधार पर हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है तथा अस्पताल में किसे सेवादार बनाया जा सकता है? इससे पहले न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह की पीठ में लालू से जुड़े मामले में सुनवाई के दौरान अपर महाधिवक्ता आशुतोष आनंद ने राज्य सरकार का पक्ष रखा।

उन्होंने अदालत को बताया कि न्यायिक हिरासत में इलाज कराने वाले कैदियों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाई गई है उसी के तहत उनकी सुरक्षा की व्यवस्था की जाती है और लोगों से उनके मिलने की प्रक्रिया तय की जाती है।

उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से यह भी पूछा कि कैदी से अनावश्यक लोग मिलते हैं तो इसके लिए कौन अधिकारी जिम्मेदार होगा? उच्च न्यायालय के सवालों पर अपर महाधिवक्ता ने एक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने के लिए समय मांगा, जिस पर इस मामले की सुनवाई उच्च न्यायालय ने 18 दिसंबर के लिए निर्धारित की।

मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई ने उच्च न्यायालय को बताया कि जेल नियमावली का उल्लंघन करने को लेकर लालू प्रसाद के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है। इस पर उच्च न्यायालय ने कहा कि वह एक अलग मामला है।

सीबीआई ने कहा कि उच्च न्यायालय ने पिछले तीन माह में लालू से मिलने वाले लोगों की सूची भी राज्य प्रशासन से मांगी थी। इस पर उच्च न्यायालय ने कहा कि यह सूची उन्हें मिल गई है।

उल्लेखनीय है कि 950 करोड़ रुपये के चारा घोटाले से संबंधित चार विभिन्न मामलों में 14 वर्ष तक कैद की सजा पाने के बाद न्यायिक हिरासत में रिम्स में इलाजरत लालू यादव की जमानत याचिका पर उच्च न्यायालय में बहस के दौरान 27 नवंबर को सीबीआई ने यह मामला उठाया था और अदालत को बताया था कि लालू रिम्स में मिली इलाज की सुविधा का दुरुपयोग कर रहे हैं।

तब अदालत ने सीबीआई की यह बात सुनने के बाद निर्देश दिया था कि इस मामले में वह चार दिसंबर को सुनवाई करेगी। उच्च न्यायालय ने लालू की जमानत पर सुनवाई के दौरान अक्तूबर में जेल प्रशासन से पूछा था कि जेल में रहने के दौरान लालू प्रसाद से कितने लोग मिले हैं, इसकी पूरी रिपोर्ट उच्च न्यायालय में दाखिल की जाए।

इसी आदेश के आलोक में उच्च न्यायालय में इसकी रिपोर्ट दाखिल की गई थी। इसके अलावा, नौ अक्तूबर को सुनवाई के दौरान लालू के लंबे समय से रिम्स में इलाज के लिए भर्ती होने के मामले का संज्ञान लेते हुए उच्च न्यायालय ने रिम्स प्रशासन को लालू यादव के स्वास्थ्य की विस्तृत रिपोर्ट उच्च न्यायालय में पेश करने के निर्देश दिये थे।

खास तौर पर उच्च न्यायालय में इन दोनों मामलों में सुनवाई का महत्व लालू यादव द्वारा भाजपा विधायक ललन पासवान को कथित रूप से अस्पताल से फोन कर बिहार सरकार को गिराने में मांगी गयी मदद की पृष्ठभूमि में और बढ़ गया था। इसी फोनकांड के चलते लालू यादव को 26 नवंबर को रिम्स निदेशक के बंगले से आनन-फानन में वापस रिम्स के वार्ड में भेज दिया गया था।