BREAKING NEWS

PM मोदी को श्रीकृष्ण आयोग की रिपोर्ट पर कार्रवाई करनी चाहिए : ओवैसी ◾हिन्दू समाज पार्टी के नेता की दिनदहाड़े हत्या : SIT करेगी जांच◾कमलेश तिवारी हत्याकांड : राजनाथ ने डीजीपी, डीएम से आरोपियों को तत्काल पकड़ने को कहा◾सपा-बसपा ने सत्ता को बनाया अराजकता और भ्रष्टाचार का पर्याय : CM योगी◾FBI के 10 मोस्ट वांटेड की लिस्ट में भारत का भगोड़ा शामिल◾करतारपुर गलियारा : अमरिंदर सिंह ने 20 डॉलर का शुल्क न लेने की अपील की ◾प्रफुल्ल पटेल 12 घंटे तक चली पूछताछ के बाद ईडी कार्यालय से निकले ◾फडनवीस के नेतृत्व में फिर बनेगी गठबंधन सरकार : PM मोदी◾प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी के आसपास कोई भी नेता नहीं : सर्वेक्षण ◾मोदी का विपक्ष पर वार : कांग्रेस के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती सरकारों ने केवल घोटालों की उपज काटी है◾ISIS के निशाने पर थे कमलेश तिवारी, सूरत से निकला ये कनेक्शन◾अमित शाह ने राहुल गांधी से पूछा, आदिवासियों के लिए आपके परिवार ने क्या किया ◾पायलट ने निकाय प्रमुखों के चुनाव संबंधी फैसले पर खड़े किये सवाल ◾राम मंदिर पर हिंदुओं के पक्ष में निर्णय की आशा : RSS ◾TOP 20 NEWS 18 October : आज की 20 सबसे बड़ी खबरें◾FATF ने पाक को ‘ग्रे सूची’ में कायम रखा, कार्रवाई की चेतावनी दी ◾दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल को कोर्ट ने सुनाई 6 महीने की सजा, मिली जमानत◾महेंद्रगढ़ रैली में राहुल का प्रधानमंत्री पर वार, बोले-मोदी को नहीं है अर्थव्यवस्था की कोई समझ◾मोदी को डर, 'घेराबंदी' हटने पर कश्मीर में होगा खूनखराबा : इमरान खान◾हिसार में बोले PM मोदी-कांग्रेस ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में पहले ही मान ली है हार◾

बिहार

मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 8 लड़कियों को उनके परिवार को सौंपने की दी अनुमति

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बिहार के मुजफ्फरपुर आश्रय गृह की 44 लड़कियों में से आठ लड़कियों को सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उनके परिवारों को सौंपने की अनुमति दे दी। न्यायमूर्ति एन वी रमण, न्यायमूर्ति एम एम शांतानागौडार और न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी की पीठ ने बिहार सरकार को निर्देश दिया कि इन आठ लड़कियां को सभी आवश्यक वित्तीय और मेडिकल सहायता उपलब्ध करायी जाए। 

पीठ ने राज्य सरकार को यह निर्देश भी दिया कि इस तरह की पीड़ितों को योजना के तहत की जाने वाली क्षतिपूर्ति का आकलन करे और कोर्ट को अपनी रिपोर्ट दे। पीठ ने टाटा इंस्टीट्यूट आफ सोशल साइंसेज (टिस) को शेष लड़कियों के मामले में एक स्थिति रिपोर्ट तैयार करके आठ सप्ताह के भीतर कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने टिस की कार्य परियोजना ‘कोशिश’ की रिपोर्ट के अवलोकन के बाद यह आदेश दिया। 

सीलबंद लिफाफे में पेश की गयी इस रिपोर्ट में कहा गया था कि आठ लड़कियों को उनके परिवारों को सौंपा जा सकता है। ये लड़कियां पूरी तरह फिट हैं। मुजफ्फरपुर में गैर सरकारी संगठन द्वारा संचालित इस आश्रय गृह में अनेक लड़कियों का कथित रूप से यौन शोषण हुआ था और टिस की एक रिपोर्ट के बाद इस आश्रय गृह में रहने वाली लड़कियों के यौन शोषण की गतिविधयां सामने आयी थीं।