BREAKING NEWS

किसान आंदोलन को खत्म करने के लिए राकेश टिकैत ने कही ये बात◾DRDO ने जमीन से हवा में मार करने वाली VL-SRSAM मिसाइल का किया सफल परीक्षण◾बिना कांग्रेस के विपक्ष का कोई भी फ्रंट बनना संभव नहीं, संजय राउत राहुल गांधी से मुलाकात के बाद बोले◾केंद्र की गलत नीतियों के कारण देश में महंगाई बढ़ रही, NDA सरकार के पतन की शुरूआत होगी जयपुर की रैली: गहलोत◾अमरिंदर ने कांग्रेस पर साधा निशाना, अजय माकन को स्क्रीनिंग कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त करने पर उठाए सवाल◾SKM की बैठक खत्म, क्या समाप्त होगा आंदोलन या रहेगा जारी? कल फाइनल मीटिंग◾महाराष्ट्र: आदित्य ठाकरे ने 'ओमिक्रॉन' से बचने के लिए तीन सुझाव सरकार को बताए, केंद्र को भेजा पत्र◾गांधी का भारत अब गोडसे के भारत में बदल रहा है..महबूबा ने केंद्र सरकार को फिर किया कटघरे में खड़ा, पूर्व PM के लिए कही ये बात◾UP चुनाव: सपा-रालोद आई एक साथ, क्या राज्य में बनेगी डबल इंजन की सरकार, रैली में उमड़ा जनसैलाब ◾बेंगलुरु का डॉक्टर रिकवरी के बाद फिर हुआ कोरोना पॉजिटिव, देश में ओमीक्रॉन के 23 मामलों की हुई पुष्टि ◾समाजवादी पार्टी पर PM मोदी का हमला, बोले-'लाल टोपी' वालों को सिर्फ 'लाल बत्ती' से मतलब◾पीेएम मोदी ने पूर्वांचल को दी 10 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात, सपा के लिए कही ये बात◾सदन में पैदा हो रही अड़चनों के लिए सरकार जिम्मेदार : मल्लिकार्जुन खड़गे◾UP चुनाव में BJP कस रही धर्म का फंदा? आनन्द शुक्ल बोले- 'सफेद भवन' को हिंदुओं के हवाले कर दें मुसलमान... ◾नगालैंड गोलीबारी केस में सेना ने नगारिकों की नहीं की पहचान, शवों को ‘छिपाने’ का किया प्रयास ◾विवाद के बाद गेरुआ से फिर सफेद हो रही वाराणसी की मस्जिद, मुस्लिम समुदाय ने लगाए थे तानाशाही के आरोप ◾लोकसभा में बोले राहुल-मेरे पास मृतक किसानों की लिस्ट......, मुआवजा दे सरकार◾प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों को दी कड़ी नसीहत-बच्चों को बार-बार टोका जाए तो उन्हें भी अच्छा नहीं लगता ...◾Winter Session: निलंबन वापसी के मुद्दे पर राज्यसभा में जारी गतिरोध, शून्यकाल और प्रश्नकाल हुआ बाधित ◾12 निलंबित सदस्यों को लेकर विपक्ष का समर्थन,संसद परिसर में दिया धरना, राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित ◾

माफ़ी मांगकर लालू के 'साये' से हटने की कोशिश में जुटे हैं तेजस्वी, क्या जनता से हो पाएंगे कनेक्ट ?

बिहार विधानसभा चुनाव में तीन चरणों में होने वाले मतदान में पहले चरण का मतदान संपन्न हो चुका है जबकि दूसरे चरण के तहत 3 नवंबर को मतदान होना है। इस चुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और राजद नेतृत्व वाले महागठबंधन के बीच माना जा रहा है। 

महागठबंधन में ऐसे तो राजद के अलावा, कांग्रेस और वामपंथी दल शामिल हैं लेकिन मोर्चा मुख्यमंत्री के प्रत्याशी तेजस्वी यादव ने खुद संभाल रखी है। तेजस्वी इस चुनाव में अलग नजर आ रहे हैं और अपने पिता तथा राजद के अध्यक्ष लालू प्रसाद के साये से खुद को निकालने के प्रयास में जुटे हैं। 

भाजपा नेतृत्व वाले गठबंधन के नेता जहां राजद के 15 साल के शासनकाल के 'जंगलराज' को याद दिलाते हुए लगातार लोगों के बीच पहुंच रहे हैं, वहीं तेजस्वी इस पर कुछ भी चर्चा करने से बच रहे हैं। तेजस्वी कहते भी हैं, "सत्ता पक्ष के लोग रोजगार, सिंचाई, शिक्षा के मामले में बात हीं नहीं करना चाहते। वे पुरानी फालतू की बातों को कर लोगों को मुद्दा से भटकाना चाह रहे हैं।"

रणदीप सुरजेवाला ने नीतीश कुमार सरकार को बर्खास्त करने की मांग की

वैसे, तेजस्वी ने इस चुनाव के पहले ही राजद के प्रमुख बैनरों और पोस्टरों से लालू प्रसाद और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की तस्वीर हटाकर यह संकेत दे दिए थे कि इस चुनाव में वे अपनी युवा और नई छवि के जरिए लोगों के बीच पहुंचेंगे। 

लालू के दौर में राजद के लिए मुस्लिम और यादव (एम-वाई समीकरण) को वोटबैंक माना जाता था, लेकिन तेजस्वी सभी सभा में सबों को साथ लेकर चलने की बात करते हैं। रोहतास की एक सभा में 'बाबू साहब' के बयान को विरोधियों द्वारा मुद्दा बनाए जाने के बाद राजद तुरंत सफाई देने पहुंच गई थी। 

भले ही चुनाव के दौरान लालू का निर्देश तेजस्वी सहित राजद के अन्य नेताओं को मिलते रहते हों, लेकिन तेजस्वी चुनावी रणनीतियों में अपनी रणनीति को शामिल कर रहे हैं। राजद के एक नेता भी कहते हैं कि तेजस्वी की सभा में जुट रही भीड़ इस बात के प्रमाण हैं कि उनकी रणनीति इस चुनाव में अब तक सफल रही है। मंच से हंसी मजाक के बीच अपनी बात कहने वाले लालू की तरह तेजस्वी हंसी मजाक तो नहीं कर रहे हैं, लेकिन भोजपुरी भाषा में बोलकर लोगों से जुड़ने का प्रयास कर रहे हैं। 

राजद के एक बुजुर्ग नेता नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर कहते हैं, "लालू प्रसाद वाला लहजा और अंदाज तो नहीं, लेकिन तेजस्वी यादव को भी जनता की डिमांड समझ में आने लगी है। वे नौजवानो की नब्ज पकड़ने लगे हैं। रैलियों में युवाओं की ताली के लिए क्या बोलना है, तेजस्वी को समझ में आने लगा है। रोजगार देने का वादा कर और सबको साथ लेकर चलने की रणनीति अब तक सफल दिख रही है।"

राजनीतिक समीक्षक फैजान अहमद भी कहते हैं कि तेजस्वी ने पहले ही एक तरह से राजद शासनकाल में किए गए गलतियों के लिए माफी मांगकर अपनी जमीन तैयार कर ली थी और संकेत दिए थे कि वे नए सिरे से राजनीति की शुरूआत करेंगे। 

पुलवामा हमले पर पाक मंत्री की स्वीकारोक्ति के बाद राहुल गांधी मांगें माफी : जे पी नड्डा

उन्होंने कहा कि इस बीच उन्होंने राजद के पोस्टरों में केवल अपनी तस्वीर लगवाई और बेरोजगार का मुद्दा उछाल दिया। वे कहते हैं, "इसमें कोई शक नहीं तेजस्वी अपने पिता के साये से अलग हटकर अपनी जमीन तलाश करना चाहते हैं, जिसमें उन्हें सफलता मिल रही है और लोगों से कनेक्ट कर रहे हैं।"

हालांकि बीबीसी के संवाददाता रहे और वरिष्ठ पत्रकार मणिकांत ठाकुर राजद के नेता तेजस्वी के विवादास्पद राजद के शासनकाल से अलग छवि पेश करने की तारीफ करते हैं, लेकिन वह यह भी कहते हैं कि कभी-कभार उनके जुबान का फिसलने से लोग में डर पैदा हो जा रहा हे।