बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज कहा कि भगवान बुद्ध के विचारों पर अमल करने से किसी भी तरह के विवाद को समाप्त किया जा सकता है।

श्री कुमार ने भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली बोधगया के कालचक्र मैदान में तीन दिवसीय बौद्ध महोत्सव का उद्घाटन करने के बाद आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया में टकराव का माहौल बनता चला जा रहा है। इस माहौल से छुटकारा पाना होगा, तभी पृथ्वी को बचाया जा सकता है। जब तक पर्यावरण और अपने स्वभाव पर ध्यान नहीं देंगे, तब तक हम इसमें सफल नहीं हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध के विचारों पर अमल एवं उसके वैज्ञानिक पहलुओं पर चर्चा करने विवादों का निदान संभव है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय में कनफ्लिक्ट रिजॉल्यूशन सेंटर का निर्माण किया जायेगा। दुनिया में जितने प्रकार के मतभेद हैं, उसे दूर करने के लिए ऐसे सेंटर बनने चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों के प्रति हमारे मन में समभाव का भाव होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बौद्ध महोत्सव सिर्फ एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं है, इससे पूरे विश्व को सहिष्णुता का संदेश जाना चाहिए।

श्री कुमार ने कहा कि बोधगया में वर्ष 2012 से बौद्ध महोत्सव शुरू किया गया। सिद्धार्थ से भगवान बुद्ध बनने का इतिहास यहां से जुड़ा हुआ है लेकिन भगवान बुद्ध का ज्ञान-संदेश प्रेम, शांति और अहिंसा का है। बहुत सारे ऐसे लोग हैं, जिनकी सोच वैज्ञानिक है।

उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध कहते थे कि वह जो बोल रहे हैं, उसे सोच विचार कर ही मानो, यही बुद्ध के उपदेशों का साइंटिफिक एप्रोच है। उन्होंने कहा कि बौद्ध महोत्सव का अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप है और भगवान बुद्ध के संदेशों को पूरी दुनिया में पहुंचाना है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्य देशों में बौद्ध धर्म को लोगों ने अपनाया है और आज भी कई देशों में बड़ संख्या में बौद्ध धर्मावलंबी रहते हैं। बौद्ध धर्म मानने वालों को भगवान बुद्ध के जन्म स्थल के साथ अन्य स्थानों पर जाने की इच्छा होती है लेकिन ज्ञान प्राप्ति और प्रथम उपदेश के स्थान पर लोग जाते हैं। उन्होंने कहा कि पहले यहां अतिथियों के लिए व्यवस्थायें नहीं थीं, उन्हें काफी परेशानी होती थी, जिसे बढ़या जा रहा है।

श्री कुमार ने कहा कि महाबोधि मंदिर विश्व धरोहर है। बोधगया में बम विस्फोट की घटना के बाद बीटीएमसी ने यहां सुरक्षा व्यवस्था में भी काफी सुधार किया है। पहले आने-जाने का एक ही रास्ता था, अब कई रास्ते खोले गए हैं।

उन्होंने कहा कि महाबोधि मंदिर की सुरक्षा को लेकर कई स्तर पर काम किये गये हैं। इसका सौंदर्यीकरण भी किया गया, इन सब चीजों पर राज्य सरकार लगातार ध्यान दे रही है।