बॉलीवुड के जाने-माने एक्टर अजय देवगन की फिल्म रेड इस शुक्रवार यानी 16 मार्च को बॉक्स ऑफिस पर रिलीज हुई है। खबरों की मानें तो पहले दिन फिल्म को अच्छा रेसपॉस मिल रहा है। रेड से पहले अजय देवगन की फिल्में बादशाहो और गोलमाल अगेन में उन्होंने दमदार एक्टिंग से लोगों का दिल जीता था।

आपको बता दें कि अजय देवगन की फिल्म रेड ने पहले ही दिन बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया है। फिल्म समीक्षक रमेश बाला ने इस फिल्म के पहले दिन का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन ट्वीट किया है कि इस फिल्म ने पहले दिन 10.50 करोड़ रुपए का बिजनेस किया है।

रमेश बाला के अनुसार ‘रेड’ ने पहले दिन कुल 10.50 करोड़ रुपये का बिजनेस किया है। साथ ही इस फिल्म ने यूएसए में 26.77 लाख, ऑस्ट्रेलिया में 13.50 लाख और न्यूजीलैंड में 6.76 लाख रुपए की कमाई पहले दिन करने में सफल हुई है। बता दें, इससे पहले फिल्म समीक्षक तरण आदर्श ने भी ट्वीट कर अजय की इस फिल्म को शानदार बताया था। उन्होंने ट्विटर पर एक शब्द में फिल्म का रिव्यू करते हुए शानदार लिखा है।
फिल्म समीश्रकों की मानें तो यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा बिजनेस कर सकती है। फिल्म के पहले दिन के बिजनेस से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि यह फिल्म बहुत ही जल्द 100 करोड़ के क्लब में शामिल हो जाएगी। इस फिल्म को भूषण कुमार, कृषण कुमार, कुमार मंगत और अभिषेक पाठक ने प्रोड्यूस किया है और इसका निर्देशन राज कुमार गुप्ता ने किया है।

फिल्म का संगीत अमित त्रिवेदी ने दिया है। फिल्म में कुछ पुराने गीतों को फिर से रिक्रिएट किया गया है।जिसमें ‘सानु एक पल चैन न आवे सजना तेरे बिना’ और ‘नित खैर मंगा सोणया में तेरी’ जैसे गाने पहले ही लोगों की जुबान पर हैं।

इन दोनों ही गीतों को राहत फतेह अली खान ने आवाज दी है। फिल्म की कहानी और बाकी चीजों की बात करें तो इसमें अजय इनकम टेक्स डिपार्टमेंट के एक ईमानदार ऑफिसर के रूप में दिखाई दे रहे हैं और अपने काम को पूरी शिद्दत के साथ करते हुए नजर आ रहे हैं।

फिल्म में अजय डेप्युटी कमिश्नर का किरदार में हैं और इलियाना डिक्रूज उनकी पत्नी की भूमिका में हैं। बता दें, फिल्म की कहानी सच्ची घटनाओं पर आधारित है, जिसमें अजय देवगन लखनऊ के इनकम टैक्स अधिकारी शरद प्रसाद पांडे की भूमिका निभा रहे हैं।

बता दें, शरद ने एक व्यापारी सरदार इंद्र सिंह के घर पर साल 1981 में छापा मारा था और एक करोड़ 60 लाख रुपए का कैश और सोना जब्त किया था। यह रेड 18 घंटे तक चली थी और इसमें 45 लोग लगातार सिर्फ नोट गिनने के लिए बैठे रहे थे।

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