चेन्नई : अखिल भारतीय आईडीबीआई बैंक अधिकारी और कर्मचारी संघ ने वेतन समीक्षा की मांग को लेकर 23 मई को हड़ताल का ऐलान किया जिसका समर्थन ऑल इंडिया बैंक कर्मचारी एसोसिएशन (एआईबीईए) और ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (एआईबीओए) ने भी किया है। आईडीबीआई बैंक के कर्मचारियों ने वेतन पुनरीक्षण की मांग के साथ एक दिवसीय हड़ताल की घोषणा की।

कर्मचारियों के मुताबिक एक नवंबर, 2012 के बाद से उनकी वेतन समीक्षा नहीं हुई है। एआईबीईए और एआईबीओए ने अन्य समितियों और संघों को आईडीबीआई बैंक कर्मचारियों के प्रदर्शन कार्यक्रम में भाग लेने के साथ समर्थन और एकजुटता दिखाने को कहा। एआईबीईए के महासचिव सी. वेंकटचलम और एआईबीओ के महासचिव एस. नागराजन ने कहा कि इस हड़ताल में 15 हजार से अधिक कर्मचारी और बैंक के अधिकारी भाग लेंगे।

 उन्होंने कहा कि आरबीआई और बीमा कंपनियों जैसे एलआईसी और जीआईसी सहित सभी बैंकों में वेतन समीक्षा पूरी हो चुकी हैं और अब केवल आईडीबीआई बैंक में यह लंबित है। सरकार और प्रबंधन अनियमित रूप से वेतन संशोधन में देरी कर रही है। आईडीबीआई अधिकारियों और कर्मचारियों संघ की मांग है कि अधिकारी स्तर के कर्मचारियों के लिए जेएआईआईबी / सीएआईआईबी के तहत वेतन वृद्धि की समीक्षा की जाये।

उन्होंने कि इसके साथ उनकी यह भी मांग है कि निर्धारित पेंशन योजना में शामिल होने के विकल्प और अनुबंधित कर्मचारियों के लिए ‘समान कार्य के लिए समान वेतन’ जैसे मुद्दे का हल निकाला जाये। श्री वेंकटचलम और श्री नागरराजन के मुताबिक कर्मचारी पहले 12 अप्रैल को हड़ताल करने वाले थे लेकिन प्रबंधन के आश्वासन के बाद इसे स्थगित कर दिया था। बाद में, प्रबंधन के ‘ढिले’ रवैये के कारण एआईडीबीईए और एआईडीबीआईएए ने फिर से आंदोलन शुरू कर हड़ताल का ऐलान किया है।

-वार्ता