BREAKING NEWS

महाराष्ट्र में कोरोना के 8139 नये मामले आए सामने, संक्रमितों की संख्या 246600 हुई◾दिल्ली में कोरोना का कोहराम जारी, बीते 24 घंटे में 1,781 नए केस, संक्रमितों का आंकड़ा 1.10 लाख के पार◾चीनी कंपनियों के सहारे PM केयर्स फंड पर राहुल का PM मोदी पर तंज, ट्वीट कर कही ये बात◾हार्दिक पटेल को गुजरात कांग्रेस की कमान, प्रदेश कांग्रेस कमेटी का वर्किंग प्रेसिडेंट नियुक्त किया गया◾देश में कोराना से ठीक हुए लोगों की संख्या 5 लाख के पार पहुंची, रिकवरी दर 62 फीसदी से अधिक : स्वास्थ्य मंत्रालय◾तमिलनाडु में 3965 नए मामले की पुष्टि, 69 लोगों की मौत ◾कानपुर प्रकरण की जांच के लिए SIT गठित, 31 जुलाई तक सौंपनी होगी रिपोर्ट◾महाराष्ट्र एटीएस ने ठाणे से कानपुर हत्याकांड में शामिल विकास दुबे के दो साथियों को किया गिरफ्तार◾Boycott China : चीन को चुनौती देने के लिए इंदौर के भाजपा सांसद बनवा रहे एक लाख स्वदेशी राखियां ◾रविवार को होगा मध्यप्रदेश सरकार के मंत्रियों को विभागों का बंटवारा : शिवराज सिंह चौहान ◾हांगकांग से जान बचाकर भागी वैज्ञानिक ने खोली चीन की पोल, कहा - कोरोना की जानकारी छुपाई गयी ◾सीएम गहलोत का दावा - भाजपा के लोग षड्यंत्र रच रहे हैं लेकिन उनकी सरकार स्थिर है और पांच साल चलेगी ◾सिर्फ कानपुर ही नहीं विदेशों में भी है विकास दुबे की करोड़ों की प्रॉपर्टी, ईडी ने भी शुरू की जांच ◾दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला : कोरोना के मद्देनजर स्टेट यूनिवर्सिटीज की सभी परीक्षाओं को किया रद्द◾सोनिया के साथ कांग्रेस के लोकसभा सदस्यों की बैठक में राहुल से फिर से पार्टी अध्यक्ष बनने की मांग◾शरद पवार का भाजपा पर निशाना, कहा मतदाताओं को हल्के में न लें ,इंदिरा और अटल भी हारे थे ◾लॉकडाउन में ढील के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था सामान्य स्थिति में वापस आ रही है : RBI गवर्नर ◾पीएम द्वारा रीवा सौर ऊर्जा परियोजना को एशिया में सबसे बड़ी बताने पर राहुल गांधी ने साधा निशाना ◾पीएम नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के आगामी कार्यक्रम के लिए जनता से सुझाव आमंत्रित किये◾देश में कोरोना के 27 हजार से अधिक नए मामलों का रिकॉर्ड, संक्रमितों का आंकड़ा सवा आठ लाख के करीब ◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

बैंकों का फंसा कर्ज घटा

नई दिल्ली : उद्योग मंडल फिक्की के एक सर्वेक्षण में आधे से ज्यादा बैकों ने फंसे कर्ज (एनपीए) में कमी की सूचना दी है। इसके अलावा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में पूंजी डालने और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) क्षेत्र की दिक्कतों को दूर करने के लिए कदम उठाने की मांग की है। यह सर्वेक्षण जनवरी-जून 2019 के दौरान किया गया है। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र, निजी क्षेत्र और सूक्ष्म वित्त बैंक समेत कुल 23 बैंकों ने हिस्सा लिया। बैंकों ने सुझाया है कि कर अनुपालन को बढ़ाने के लिए सरकार को जीएसटी की रूपरेखा को सरल बनाना चाहिए और जीएसटी की दरों में कमी करनी चाहिए। 

उद्योग मंडल ने मंगलवार को फिक्की-आईबीए सर्वेक्षण के नौवें चरण को जारी करते हुए कहा कि सर्वेक्षण में भाग लेने वाले बैंकों का मानना है कि कुछ प्रमुख क्षेत्रों में अगले छह महीनों में अधिक कर्ज की जरूरत होगी। ये क्षेत्र बुनियादी ढांचा, धातु, रीयल एस्टेट, वाहन एवं वाहन कलपुर्जे, फार्मा और खाद्य प्रसंस्करण हैं। सर्वेक्षण के मुताबिक, बैंकरों का मानना है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) में पूंजी डाली जानी चाहिए और एनबीएफसी क्षेत्र की दिक्कतों को दूर करने के लिए उपाय किए जाने चाहिए। 

फिक्की ने कहा कि ये प्रतिक्रियाएं केंद्रीय बजट 2019-20 पेश होने से ठीक पहले मिली थीं और वास्तव में, बजट में बैंकिंग एवं वित्तीय क्षेत्र पर विशेष जोर दिया गया था। इसमें सरकारी बैंकों में 70,000 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश भी शामिल है। इसमें वित्तीय रूप से मजबूत एनबीएफसी की ऊंची रेटिंग वाली संपत्तियों के खरीद के लिए वह सरकारी बैंकों को एकबारगी छह महीने की आंशिक ऋण गारंटी उपलब्ध कराने का भी प्रस्ताव है। यह ऋण गारंटी बैंकों को उनके पहले 10 प्रतिशत तक के नुकसान के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। 

फिक्की ने कहा, इन उपायों से नकदी की समस्या को दूर करने में मदद मिलनी चाहिए और वृद्धि को समर्थन देने के लिए अधिक ऋण सुनिश्चित होगा। सर्वेक्षण के अनुसार, इसमें भाग लेने वाले बैंकों में से 52 प्रतिशत का मानना है कि एनपीए में कमी आई है। पिछले दौर में 43 प्रतिशत प्रतिभागी इसके पक्ष में थे। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में, करीब 55 प्रतिशत प्रतिभागियों ने गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों में कमी की सूचना दी है। सर्वेक्षण में कहा गया माना जाता है कि बुनियादी ढांचा क्षेत्र उच्च एनपीए क्षेत्र है अर्थात सबसे ज्यादा कर्ज यहीं फंसा है। करीब 63 प्रतिशत प्रतिभागियों का मानना है कि पिछले छह महीने के दौरान इस क्षेत्र के एनपीए में कमी आई है।