भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने सोमवार को कहा कि केंद्रीय बैंक अर्थव्यवस्था को समर्थन देने के लिये पर्याप्त नकदी सुनिश्चित करेगा। अर्थव्यवस्था इस समय कच्चे तेल के दाम में उछाल और प्रमुख जिंसों की कीमतों में तेजी समेत विभिन्न चुनौतियों से जूझ रही है।
2020 में महामारी से प्रभावित अर्थव्यवस्था में अबतक 17 लाख करोड़ रुपये की पूंजी डाली गयी
उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के एक कार्यक्रम में दास ने कहा कि मार्च, 2020 में महामारी से प्रभावित अर्थव्यवस्था में अबतक 17 लाख करोड़ रुपये की पूंजी डाली गयी है। उन्होंने उद्योग को आश्वस्त किया कि आरबीआई यह सुनिश्चित करता रहेगा कि अर्थव्यवस्था में पर्याप्त नकदी हो। उन्होंने कहा कि पूंजी पर्याप्तता अनुपात 16 प्रतिशत तथा सकल एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) यानी फंसा कर्ज 6.5 के निचले स्तर पर होने के साथ बैंकों की स्थिति अब बेहतर है।
हम किसी भी चुनौती से निपटने को लेकर संतोषजनक स्थिति में है
दास ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध से उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद उच्च विदेशी मुद्रा भंडार और चालू खाते का घाटा निचले स्तर पर होने से अर्थव्यवस्था बेहतर स्थिति में है। गवर्नर ने कहा, ‘‘हम चालू खाते के घाटे (कैड) के वित्तपोषण के संदर्भ में किसी भी चुनौती से निपटने को लेकर संतोषजनक स्थिति में है। केंद्रीय बैंक इस मोर्चे पर किसी भी चुनौती से निपटने को लेकर पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।’’


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