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US में राहत पैकेज की उम्मीद से सुधरे यूरोपीय शेयर बाजार, कच्चे तेल में भी सुधार

अमेरिका में कोरोनावायरस संक्रमण को लेकर राहत पैकेज घोषित होने की उम्मीद में शुक्रवार को यूरोपीय शेयर बाजारों के साथ ही कच्चे तेल में सुधार देखने को मिला। हालांकि, इस दौरान एशियाई बाजारों में भारी उथल-पुथल देखने को मिली। 

कोरोना वायरस महामारी के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंदी के बढ़े जोखिम के बीच यह सप्ताह दुनिया भर के शेयर बाजारों के लिये भयावह रहा। पूरे सप्ताह के दौरान वैश्विक स्तर पर बाजार में व्यापक बिकवाली रही। 

अमेरिका का डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज बृहस्पतिवार को 10 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। डाउ जोन्स का यह 1987 के बाद से सबसे बुरा दिन रहा। ऑस्ट्रेलिया के एएसएक्स में 4.4 प्रतिशत की तेजी और जापान के निक्की में 6.1 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। 

यूरोपीय बाजारों में लंदन के एफटीएसई100 में 4.82 प्रतिशत, जर्मनी के डीएएक्स में 4.67 प्रतिशत, फ्रांस के सीएसी40 में 5.79 प्रतिशत, इटली के बोर्सा इटैलियाना में 11.86 प्रतिशत और स्पेन के मैड्रिड जनरल इंडेक्स में 6.47 प्रतिशत तक की तेजी रही। 

सीएसी40 में बृहस्पतिवार को 12 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आयी थी। यह 1987 के बाद की इसकी सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट थी। इसी तरह एफटीएसई100 और डीएएक्स30 में बृहस्पतिवार को करीब 10-12 प्रतिशत की गिरावट रही थी। यह तीन दशक से अधिक समय की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट रही। 

यूरोप के सभी प्रमुख शेयर बाजार सप्ताह के दौरान औसतन 15 प्रतिशत की गिरावट में चल रहे थे। सिटी इंडेक्स ट्रेडिंग ग्रुप की विश्लेषक फिओना सिन्कोटा ने कहा, ‘‘बुरे सप्ताह के बाद अमेरिका में राहत पैकेज दिये जाने की उम्मीद ने बाजार को कुछ राहत दी। अमेरिका से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक केंद्रीय बैंक बाजार में तरलता बढ़ाने के कदम उठा रहे हैं। निवेशकों को इस बात की भी उम्मीद है कि अमेरिका में शुक्रवार को राहत पैकेज पर रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों पार्टियों के सांसदों के बीच सहमति बन जाएगी।’’ 

शुक्रवार को निक्की में एक समय 10 प्रतिशत तक की गिरावट आ गयी। हालांकि, बाद में यह 6.1 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। इसी तरह हांगकांग का हैंगसेंग शुरुआती कारोबार में सात प्रतिशत तक गिरने के बाद संभला और 1.1 प्रतिशत के नुकसान के साथ बंद हुआ। 

आईसी मार्केट्स के निक ट्विडेल ने कहा, ‘‘बाजारों में उथल-पुथल के कारण पिछले चंद सप्ताह में दुनिया भर की कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में हजारों अरब डॉलर का नुकसान हुआ। कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर अनिश्चितता के बाद भी कुछ बाजारों में निवेशक मध्यम व दीर्घावधि लाभ की उम्मीद में लिवाली कर सकते हैं, जिससे बाजार को समर्थन देखने को मिल सकता है।’’