नई दिल्ली : वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत 2018-19 में राजकोषीय घाटे को बजटीय लक्ष्य 3.3 प्रतिशत के नीचे रखने में कामयाब होगा। हालांकि यह चालू वित्त वर्ष के पहले दो महीने में ही सालाना लक्ष्य के 55 प्रतिशत पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि ई – वे बिल का पूरा लाभ मिलना शुरू होने के साथ मौजूदा वित्त वर्ष में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) से राजस्व 13 लाख करोड़ रुपये से अधिक पार कर जाने की उम्मीद है। गोयल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह धारणा है कि राजकोषीय घाटे का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाएगा लेकिन मेरा मानना है कि हम वास्तव में बजट में निर्धारित राजकोषीय घाटे के लक्ष्य से बेहतर करेंगे।’’

सरकार ने चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी)का 3.3 प्रतिशत रहने का लक्ष्य रखा है। यह 2017-18 के 3.53 प्रतिशत से कम है। राजस्व और व्यय के बीच अंतर राजकोषीय घाटा अप्रैल – मई अवधि में 3.45 लाख करोड़ रुपये रहा जो 2018-19 के बजटीय लक्ष्य का 55.3 प्रतिशत है। पिछले वित्त वर्ष 2017-18 की पहली तिमाही में राजकोषीय घाटा बजटीय अनुमान का 68.3 प्रतिशत था।

गोयल ने कहा, ‘‘इस वित्त वर्ष के अंत तक हमारा जीएसटी राजस्व 13 लाख करोड़ रुपये से अधिक होगा। हमें अबतक ई – वे बिल का पूरा लाभ नहीं मिला है। इसीलिए मेरा मानना है कि राजस्व में और सुधार होगा और करों में कुछ राहत दी जा सकती है।’’ सरकार ने वित्त वर्ष 2017-18 में सरकार ने एक जुलाई में जीएसटी लागू होने के बाद कुल 7.41 लाख करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया। औसत मासिक संग्रह 89,885 करोड़ रुपये रहा। चालू वित्त वर्ष में अप्रैल में संग्रह रिकार्ड 1.03 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया जो मई में 94,016 करोड़ रुपये तथा जून में 95,610 करोड़ रुपये था।