BREAKING NEWS

नितिन गडकरी बोले- सिर्फ आरक्षण से किसी समुदाय का विकास सुनिश्चित नहीं हो सकता ◾TOP 20 NEWS 16 September : आज की 20 सबसे बड़ी खबरें◾केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर बोले- जल्द ही पूरी दुनिया में उपलब्ध होगा दूरदर्शन इंडिया◾योगी सरकार को इलाहाबाद HC से झटका, 17 OBC जातियों को SC में शामिल करने पर रोक◾शरद पवार का ऐलान- महाराष्ट्र में 125-125 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी NCP और कांग्रेस◾हिंदी को लेकर अमित शाह के बयान पर बोले कमल हासन - कोई 'शाह' नहीं तोड़ सकता, 1950 का वादा◾CJI रंजन गोगोई बोले-जरूरत हुई तो मैं खुद जाऊंगा जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट◾गंगवार के बयान पर प्रियंका का वार, कहा-मंत्री जी, 5 साल में कितने उत्तर भारतीयों को दी हैं नौकरियां◾SC ने गुलाम नबी आजाद को कश्मीर जाने की दी अनुमति, कोई राजनीतिक रैली न करने का दिया आदेश◾हिंद महासागर में दिखा चीनी युद्धपोत जियान-32, अलर्ट पर भारतीय नौसेना◾कश्मीर में स्थिति सामान्य करने के लिए हरसंभव प्रयास करें केंद्र : सुप्रीम कोर्ट◾SC ने फारूक अब्दुल्ला को पेश करने संबंधी याचिका पर केंद्र को जारी किया नोटिस ◾जन्मदिन पर चिदंबरम को बेटे कार्ति का पत्र, लिखा-कोई 56 इंच वाला आपको रोक नहीं सकता◾Howdy Modi कार्यक्रम में शामिल होने के ट्रंप के फैसले की PM ने की प्रशंसा, ट्वीट कर कही यह बात◾अयोध्या विवाद में सुन्नी वक्फ बोर्ड और निर्वाणी अखाड़े ने सुप्रीम कोर्ट के मध्यस्थता पैनल को लिखा पत्र◾पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम तिहाड़ जेल में मनाएंगे अपना 74वां जन्मदिन◾‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम में शामिल होंगे ट्रम्प, भारतीय-अमेरिकी लोगों को एक साथ करेंगे संबोधित◾पुंछ: पाकिस्तान ने फिर किया संघर्ष विराम का उल्लंघन, तीन जवान घायल◾अखिलेश यादव बोले- तानाशाही से सरकार चलाकर अपना लोकतंत्र चला रही है भाजपा◾शरद पवार ने NCP छोड़ने वाले नेताओं को बताया ‘कायर’◾

व्यापार

व्यापार युद्ध से 455 अरब डॉलर का होगा नुकसान

फुकूका : अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रमुख क्रिस्टन लगार्ड ने व्यापार युद्ध को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बताते हुये शनिवार को कहा कि इससे वर्ष 2020 में वैश्विक अर्थव्यवस्था को 455 अरब डॉलर का नुकसान होगा। जी-20 देशों के वित्त मंत्रियों तथा केंद्रीय बैंकों के प्रमुखों की बैठक के समापन पर अपने बयान में सुश्री लगार्ड ने कहा कि यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था में स्थिरता और विकास के मजबूत होने संकेत मिल रहे हैं। यह अच्छी खबर है, लेकिन अब भी आगे की राह अनिश्चित और कई नकारात्मक जोखिमों से भरी हुई है। सबसे बड़ा खतरा मौजूदा व्यापार युद्ध को लेकर है। 

आईएमएफ का अनुमान है कि अमेरिका और चीन द्वारा एक दूसरे के उत्पादों पर पिछले साल और इस वर्ष लगाये गये करों से वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में 2020 में 0.5 प्रतिशत या तकरीबन 455 अरब डॉलर की कमी आ सकती है जो आर्थिक गतिविधियों में बड़ी कमी का कारण बन सकता है। आईएमएफ प्रबंध निदेशक ने कहा कि ब्याज दर काफी कम है और कई विकसित देशों में ऋण का स्तर बढ़ रहा है। उभरते हुए बाजार वित्तीय परिस्थितियों में अचानक बदलाव के प्रति संवेदनशील हैं। यह वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए दूसरा बड़ा खतरा है।

सुश्री लगार्ड ने और नये कर लगाने के खिलाफ भी चेताया तथा मौजूदा व्यापार युद्ध का समाधान ढूँढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि मेरी समझ से इन जोखिमों को कम करने के लिए पहली प्राथमिकता मौजूदा व्यापार युद्ध को हल करना होना चाहिये। इसके लिए मौजूदा करों को समाप्त करने तथा नये कर न लगाने की जरूरत है। साथ ही साथ हमें अंतर्राष्ट्रीय व्यापार तंत्र के आधुनिकीकरण की दिशा में भी काम जारी रखने की आवश्यकता है। 

ऐसा करके नीति निर्माता अपनी अर्थव्यवस्था में जहाँ निश्चितता और विश्वास पैदा करेंगे वहीं वे वैश्विक विकास में भी सहयोग दे सकेंगे। आईएमएफ प्रबंध निदेशक ने कहा कि अधिकतर देशों में मौद्रिक नीति आँकड़े पर आधारित रहनी चाहिये तथा इसमें ब्याज दरों में कटौती की गुंजाइश छोड़ जानी चाहिये। वित्तीय नीतियों में विकास, ऋण और सामाजिक उद्देश्यों का संतुलन हो। 

तेज एवं अधिक समावेशी विकास की नींव रखने के लिए बाजार के उदारीकरण से लेकर कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने जैसे ढाँचागत सुधार किये जाने चाहिये। उन्होंने कहा कि यदि इस प्रकार के उपाय किये जाते हैं तो जी-20 देशों के सकल घरेलू उत्पाद की विकास दर लंबी अवधि में चार प्रतिशत बढ़ सकती है।