मोदी सरकार के तहत पिछले आठ वर्षों में हुए प्रणालीगत आर्थिक सुधारों ने भारत की व्यापक आर्थिक स्थिरता को बढ़ाया है।भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की सदस्य आशिमा गोयल ने कहा कि इन सुधारों से किसी भी बाहरी झटके को झेलने की क्षमता बढ़ी है।उन्होंने कहा कि आपूर्ति-पक्ष में लगातार सुधार के साथ उचित व्यापक आर्थिक नीति ने वृद्धि में योगदान दिया है।
व्यापक आर्थिक अस्थिरता का सामना
उन्होंने कहा, ‘‘मोदी सरकार के आने से ठीक पहले देश वैश्विक वित्तीय संकट के बाद गंभीर व्यापक आर्थिक अस्थिरता का सामना कर रहा था।’’उन्होंने कहा, ‘‘आठ साल के प्रणालीगत सुधारों के बाद अर्थव्यवस्था में व्यापक आर्थिक स्थिरता है, एक स्वस्थ वित्तीय क्षेत्र है और खाद्य सुरक्षा कायम है। सरकार और उद्योग ने साथ मिलकर काम करना सीख लिया है।’’

कार्यालय के लिए शपथ ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 मई 2014 को पदभार संभाला था। उन्होंने 30 मई 2019 को अपने दूसरे कार्यकाल के लिए पद की शपथ ली।गोयल कहा कि कई विषयों पर भारत के आधिकारिक आंकड़ों की विश्वसनीयता को लेकर की जाने वाली आलोचनाएं काफी हद तक गलत हैं।


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