BREAKING NEWS

Filmmaker नितिन मनमोहन की बिगड़ी तबीयत, हार्ट अटैक आने के कारण अस्पताल में कराया गया भर्ती ◾Iran: ईरान सरकार की पहल- इज़राइल के लिए जासूसी करने पर चार लोगों को फांसी दी◾Delhi: दिल्ली की हवा फिर हुई प्रदूषित, सरकार ने निर्माण कार्यों पर लगाई रोक◾Rajasthan: पायलट ने कहा- राहुल गांधी की यात्रा की कामयाबी से परेशान है भाजपा ◾UP News: यूपी में लड़की के साथ दरिंदगी, आरोपी ने पीड़िता के साथ 6 दिनों तक किया बलात्कार, जानें मामला◾Delhi: मनोज तिवारी ने कहा- भ्रष्टाचारी या सेवक में से किसी एक को चुनेगी 'जनता'◾मोदी को लेकर फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों का ट्वीट- "एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य" ◾Maharastra News: धर्म परिवर्तन का विरोध करने पर युवक ने महिला को दी धमकी, कहा- तुम्हारे 70 टुकड़े कर देंगे◾पिता ने अपने ही सात वर्षीय बेटे को किया किडनैप ,’पान सिंह तोमर ‘मूवी देखकर वारदात को दिया अंजाम◾पाक आर्मी चीफ़ ने भारत के ख़िलाफ़ उगला ज़हर, कहा दुश्मन से भिड़ने के लिए तैयार हैं हम◾पाक आर्मी चीफ़ ने भारत के ख़िलाफ़ उगला ज़हर, कहा दुश्मन से भिड़ने के लिए तैयार हैं हम◾Gujarat: कल गुजरात में होगा चुनाव का आखिरी मैच! डाले जाएंगे 93 सीट पर मतदान, मैदान में 833 उम्मीदवार◾MCD Election :क्या केजरीवाल इस बार15 साल पुरानी सत्ता को बाहर का रास्ता दिखा पाएंगे◾Tamil Nadu: सीएम स्टालिन ने कहा- मंदिर लोगों के लिए होते है... किसी की निजी संपत्ति नहीं ◾''1971'' भारतीय नौसेना का ऑपरेशन ट्राइडेंट, जिसने पाकिस्तान को धूल चटा दी ◾महाराष्ट्र में 7 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में कोर्ट का अहम फैसला- आरोपी को हुई 10 वर्ष की कैद◾Navy Day 2022: युद्ध स्मारक पर नेवी चीफ और CDS ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि, PM ने भी दी बधाई◾कांग्रेस का मास्टर प्लान- 'भारत जोड़ो यात्रा' के बाद शुरू होगी ‘हाथ से हाथ जोड़ो अभियान’, 26Jan से होगा शुभारंभ◾Draupadi Murmu: राष्ट्रपति मुर्मू का आंध्र प्रदेश के सीएम जगन मोहन रेड्डी ने किया अभिनंदन◾MCD चुनाव के बीच सांसद मनोज तिवारी ने 'आप' पर लगाया चुनाव में धांधली का आरोप◾

SEBI ने IPO के लिए खुलासा नियमों को किया सख्त , कई नियमों में बदलावों को मिली मंजूरी

भारतीय प्रतिभूति एवं विनियम बोर्ड (सेबी) ने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए खुलासा जरूरतों को कड़ा करने समेत कई नियमों में बदलावों को मंजूरी दी है।

सेबी के अनुसार, निर्गम लाने वाली कंपनी के लिए पिछले लेनदेन और कोष जुटाने की गतिविधियों के आधार पर प्रस्ताव मूल्य का खुलासा करना अनिवार्य है।

सेबी के निदेशक मंडल ने शुक्रवार को यहां हुई बैठक में आईपीओ के लिए शुरुआती दस्तावेज जमा करने पर विचार कर रही कंपनियों को गोपनीय तरीके से नियामकीय सूचना देने की अनुमति देकर एक वैकल्पिक तंत्र शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

बाजार नियामक ने शेयर बिक्री की पेशकश (ओएफएस) के ढांचे में अधिक लचीलापन लाने के लिए बड़े बदलाव करने का भी फैसला किया है। इसमें गैर-प्रवर्तक शेयरधारकों के लिए न्यूनतम शेयरधारिता की आवश्यकता को समाप्त करना शामिल है।

वर्तमान में किसी कंपनी में कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सेदारी और 25 करोड़ रुपये के शेयरों की पेशकश करने वाले इच्छुक गैर-प्रवर्तक शेयरधारक ओएफएस के ढांचे में भाग लेने के पात्र हैं।

इसके अलावा पूंजी बाजार नियामक निवेशकों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए म्यूचुअल फंड यूनिट में भी खरीद-फरोख्त के लिए द्वि-स्तरीय सत्यापन की प्रक्रिया को लागू करने का फैसला किया है। सेबी ने कहा कि इस संबंध में नया मसौदा अगले साल एक अप्रैल से लागू किया जाएगा।

वर्तमान में सभी परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों (एएमसी) को ऑनलाइन लेनदेन के लिए द्वि-स्तरीय सत्यापन और ऑफलाइन लेनदेन के लिए हस्ताक्षर लेकर निकासी लेनदेन का सत्यापन करना होता है।

सेबी ने कहा, ‘‘अब यह तय किया गया है कि म्यूचुअल फंड की यूनिट में खरीद के लेनदेन में भी दो प्रकार से सत्यापन का विस्तार किया जाएगा।’’

बाजार नियामक ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के विनिवेश के संबंध में खुली पेशकशों के लिए मूल्य तय करने वाले नियमों में ढील देने का भी निर्णय किया है।

इसके अलावा सेबी सूचीबद्ध ऋण प्रतिभूतियों की बिक्री करने वाले ऑनलाइन बांड मंचो के प्रदाताओं की सुविधा के लिए एक नियामक नियामकीय रूपरेखा पेश करेगा।

ढांचे के तहत, ऐसे मंचो को सेबी के साथ स्टॉक ब्रोकर (ऋण खंड) के रूप में पंजीकृत या सेबी पंजीकृत ब्रोकर द्वारा चलाया जाना चाहिए।

बैठक में क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों द्वारा उद्योग के वर्गीकरण के लिए मानकीकृत ढांचे के कार्यान्वयन के लिए समय सीमा दो महीने बढ़ाकर 30 नवंबर करना का भी फैसला किया गया है।

यह ढांचा रेटिंग अभ्यास और अनुसंधान गतिविधियों के लिए है और इसकी समयसीमा शुक्रवार को ही खत्म होने वाली थी।

सेबी ने कंपनियों के निदेशक मंडल से स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति और हटाने के लिए एक नए विकल्प की शुरूआत को भी मंजूरी दे दी है। यह कदम स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति या हटाने के लिए अनुमोदन प्रक्रिया में लचीलापन प्रदान करेगा।