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Sensex में साल की दूसरी बड़ी गिरावट, निवेशकों ने दो दिन में गंवाये 3.79 लाख करोड़ रुपये

मुंबई : विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) को ट्रस्ट के तौर पर सरकार से कर राहत मिलने की उम्मीद समाप्त होने के बाद शुक्रवार को बीएसई का सेंसेक्स 560 अंक लुढ़क गया। एनएसई का निफ्टी भी 11,500 अंक के स्तर से काफी नीचे बंद हुआ। 

कारोबारियों ने कहा कि कमजोर तिमाही नतीजे, सुस्त पड़ते उपभोग तथा पहले से ऊंचे मूल्यांकन के कारण भी धारणा प्रभावित हुई। दो दिन की गिरावट से बाजार में निवेशकों को 3.79 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। 

बीएसई-30 कंपनियों वाला शेयर सूचकांक सेंसेक्स 560.45 अंक अथवा 1.44 प्रतिशत टूटकर 38,337.01 अंक पर बंद हुआ। दिन में कारोबार के दौरान यह 38,271.35 अंक के निचले और 39,058.73 अंक के उच्च स्तर तक गया। 

इसी तरह एनएसई निफ्टी 177.65 अंक अथवा 1.53 प्रतिशत घटकर 11,419.25 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 11,399.30 अंके के निचले और 11,640.35 अंक के उच्च स्तर के बीच रहा। 

सेंसेक्स में यह इस साल की दूसरी सबसे बड़ी गिरावट है। इससे पहले बजट के बाद आठ जुलाई को सेंसेक्स 792.82 अंक गिरा था। 

पिछले दो दिन की गिरावट में निवेशकों ने शेयर बाजारों में करीब 3.79 लाख करोड़ रुपये गंवा दिये। बीएसई की सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण कम होकर 1,45,34,758.53 करोड़ रुपये पर आ गया। 

सप्ताह के दौरान सेंसेक्स में 399.22 अंक यानी 1.03 प्रतिशत और निफ्टी में 133.25 अंक यानी 1.15 प्रतिशत की गिरावट रही। 

सबसे ज्यादा गिरावट वाहन कंपनियों के शेयर में देखी गयी। महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, टाटा मोटर्स, हीरो मोटोकॉर्प, इंडसइंड बैंक, येस बैंक, बजाज ऑटो, कोटक बैंक, भारतीय स्टेट बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर में 4.36 प्रतिशत तक की गिरावट रही। वहीं तिमाही परिणाम जारी होने से पहले रिलायंस का शेयर 1.01 प्रतिशत टूटकर बंद हुआ। 

सेंसेक्स में शामिल एनटीपीसी, पावरग्रिड, टीसीएस और ओएनजीसी के शेयर में 2.32 प्रतिशत तक की बढ़त रही। 

संसद में वित्त विधेयक पर बहस के दौरान बृहस्पतिवार को निर्मला सीतारमण जवाब दे रही थीं। उन्होंने धनाढ्यों पर प्रस्तावित कर अधिभार बढ़ाने का विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) पर प्रभाव पड़ने की बहस को खारिज कर दिया। 

सीतारमण ने कहा कि एफपीआई यदि अपना एक कंपनी के तौर पर पंजीकरण कराते हैं तो उन पर बढ़ा हुआ आयकर अधिभार का असर नहीं होगा। शेयर बाजार में निवेश करने वाले कई एफपीआई ट्रस्ट के तौर पर पंजीकृत हैं, उन्हें ऊंचे कर अधिभार से बचने के लिये कंपनी के तौर पर पंजीकरण कराना चाहिये। 

सेंट्रम ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं शोध प्रमुख जगन्नाथम तुनुगुंतला ने कहा, ‘‘अच्छी खबरों की स्पष्ट अनुपस्थिति के कारण भारतीय पूंजी बाजार इन दिनों आत्मसमर्पण के दौर में है। लगातार कॉरपोरेट डिफॉल्ट, उच्च कराधान, निम्न तिमाही आय तथा कमजोर अर्थव्यवस्था से पहले से ही नरम धारणा को कोई मदद नहीं मिल पा रही है।’’ 

बीएसई के समूह में वाहन, बैंकिंग, वित्त, बुनियादी सामग्रियां, हेल्थकेयर तथा एफएमसीजी में 3.24 प्रतिशत तक की गिरावट रही। बीएसई का मिडकैप और स्मॉलकैप भी 1.99 प्रतिशत तक गिर गया। 

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने बृहस्पतिवार को 1,404.86 करोड़ रुपये की निकासी की। जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 329.05 करोड़ रुपये के शेयर की खरीदारी की। 

एशियाई बाजारों में चीन का शंघाई कंपोजिट, हांग कांग का हैंग सेंग, दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्की दो प्रतिशत तक की बढ़त में बंद हुए। यूरोपीय बाजारों में शुरुआती कारोबार में तेजी देखी गयी। 

इस बीच रुपया पांच पैसे की मजबूती के साथ 68.92 रुपये प्रति डॉलर तथा कच्चा तेल 1.71 प्रतिशत मजबूत होकर 62.99 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था।