नई दिल्ली : आरबीआई के गर्वनर उर्जित पटेल ने शनिवार को कहा कि शीर्ष बैंक और बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) को शेयर बाजार के तेज उतार-चढ़ाव का संज्ञान लेना चाहिए, ताकि जोखिमों का आकलन किया जा सके। पटेल ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से, बाजार में करेक्शन का दौर चल रहा था। यह न सिर्फ पूरी दुनिया में हो रहा है, बल्कि भारत में भी चल रहा है। इसलिए यह दर्शाता है कि पूंजी बाजार कैसे दिशा बदलता है। अबतक न तो वैश्विक स्तर पर और न ही भारत में यह महसूस किया गया है कि यह बुलबुला कभी भी फट सकता है और एक बड़ी समस्या पैदा हो सकती है।

उन्होंने कहा कि इसलिए वित्त मंत्रालय के नियामकों आरबीआई और एसबीआई दोनों को आगे के जोखिमों का आकलन करना चाहिए। पिछले कुछ दिनों से जारी करेक्शन से पता लगता है कि ये चीजें काफी तेजी से आगे बढ़ रही हैं। पटेल वित्तमंत्री अरुण जेटली के साथ मीडिया को संबोधित कर रहे थे। एक से नौ फरवरी के बीच बीएसई के सेंसेक्स में 1,900 अंकों की गिरावट आई है तथा एनएसई के निफ्टी में 500 से अधिक अंकों की गिरावट दर्ज की गई है।

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