नई दिल्ली: उद्योग संगठनों ने वित्त मंत्री अरुण जेटली से कॉरपोरेट कर की दर घटाने की मांग की है। वित्त मंत्री के साथ बजट पूर्व बैठक में उन्होंने नए निवेश को आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहनों की भी मांग की। निर्यातकों ने जीएसटी का रिफंड जल्द किये जाने पर जोर दिया। उद्योग मंडलों ने वित्त मंत्री से कॉरपोरेट कर की दर को मौजूदा के 30 प्रतिशत से घटाकर 18 से 25 प्रतिशत के दायरे में लाने की बात उठाई।

वहीं निर्यातकों ने बैठक में निर्यात आय पर कर से छूट, विदेशी मुद्रा आमदनी पर कम दर तथा जीएसटी रिफंड का काम तेजी से किए जाने की मांग की। जानकारी अनुसार, फिक्की अध्यक्ष पंकज पटेल ने कहा कि वित्त मंत्री ने काफी समय पहले कॉरपोरेट कर की दर को 25 प्रतिशत पर लाने का वादा किया था। हमें उम्मीद है कि इस बजट में वह अपने वादे को पूरा करेंगे। वित्त मंत्री एक फरवरी को वित्त वर्ष 2018-19 का बजट पेश करेंगे। एक जुलाई को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद यह पहला पूर्ण राजकोषीय बजट होगा।

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