नई दिल्ली : दूरसंचार कंपनियों को आधार ई-केवाईसी से बाहर निकलने की योजना सौंपने के लिये दी गई समयसीमा समाप्त होने से पहले एक बड़ी दूरसंचार कंपनी ने इसके लिये और समय मांगा है। कंपनी का कहना है कि आधार ई-केवाईसी के स्थान पर मोबाइल ग्राहकों के लिये वापस दस्तावेज आधारित सत्यापन की तरफ लौटना न केवल महंगा होगा बल्कि इससे देरी भी होगी और सुरक्षा संबंधी मुद्दे भी खड़े होंगे।
भारतीय विशिष्ट पहचान संख्या प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने दूरसंचार कंपनियों से 15 अक्टूबर तक आधार का इस्तेमाल रोकने और सत्यापन की नई प्रणाली अपनाने के बारे में अपनी योजना सौंपने को कहा था। उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद यह निर्देश जारी किया गया।
संपर्क करने पर भारती एयरटेल के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी ने इस बारे में अपना जवाब यूआईडीएआई को सौंप दिया है। हालांकि, उसने इस बारे में कोई ब्यौरा नहीं दिया। इस बारे में रिलायंस जियो, वोडाफोन आइडिया लिमिटेड को भेजे गये ई-मेल का कोई जवाब नही मिला।


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