PNB महाघोटाले में नीरव मोदी के 12 ठिकानों पर ED के छापे


पंजाब नेशनल बैंक की मुंबई स्थित एक ब्रांच में 11360 करोड़ रुपए के फ्रॉड ट्रांजैक्शन मामले में गुरुवार को बड़ी कार्रवाई हुई है। इस मामले में अरबपति ज्वैलरी डिज़ाइनर नीरव मोदी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है. देश में 10-12 जगहों पर ED ने इस मामले को लेकर छापेमारी की है। ये एफआईआर 31 जनवरी को दर्ज की गई थी। ED ने नीरव मोदी के शोरूम और घर में भी छापेमारी की है। इस बीच बैंक ने आरोपी नीरव मोदी और मेहुल के खाते फ्रॉड घोषित कर दिए हैं।

बैंक ने अरबपति हीरा कारोबारी नीरव मोदी के खिलाफ सीबीआई से इस धोखाधड़ी की शिकायत कर जांच का आग्रह किया है। मोदी ने धोखाधड़ी कर मुंबई की एक शाखा से साख पत्र हासिल किए और विदेशों में अन्य भारतीय बैंकों से क्रेडिट हासिल कर ली। बैंक ने अपने 10 अफसरों को सस्पेंड कर दिया है।

नीरव मोदी के हीरे जड़ित आभूषण विश्वभर की सेलेब्रिटीज में लोकप्रिय हैं। उनके खिलाफ सीबीआई नई एफआईआर दर्ज कर सकती है। सीबीआई अफसरों ने बताया कि मंगलवार को पीएनबी की ओर से दो शिकायतें मिलीं। इनमें 11,400 करोड़ रुपए (1.77 अरब डॉलर) के धोखाधड़ीपूर्ण लेन-देन का आरोप है। वित्त मंत्रालय में वित्तीय सेवा सचिव राजीव कुमार ने कहा लगता है यह इकलौता ऐसा केस है, इसका असर अन्य बैंकों पर होने के आसार नहीं हैं। मंत्रालय ने त्वरित कदम उठाते हुए सीबीआई व ईडी को केस सौंप दिया है, ताकि त्वरित कार्रवाई हो सके।

 

 

बुधवार को हुए खुलासे के बाद से ही जांच एजेंसियां एक्शन में आ गईं हैं. इस मामले में अरबपति आभूषण कारोबारी नीरव मोदी (46) ने कथित रूप से बैंक की मुंबई शाखा से धोखाधड़ी वाला गारंटी पत्र (एलओयू) हासिल कर अन्य भारतीय ऋणदाताओं से विदेशी ऋण हासिल किया था। पीएनबी ने इस मामले में दस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही मामले को जांच के लिए सीबीआई के पास भेज दिया है।पीएनबी ने अपने 10 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। पीएनबी ने बताया कि कुछ खाताधारकों को लाभ पहुंचाने के लिए लेन-देन की गई।लेन-देन के आधार पर ग्राहकों को दूसरे बैंकों ने विदेशों में क़र्ज़ दिए हैं। इस ख़बर के बाद पंजाब नेशनल बैंक के शेयर 10 फीसदी तक टूटे हैं।

आइए जानें कुछ महत्त्वपूर्ण बातें
  • पीएनबी ने माना है कि कुछ लोगों की मिलीभगत से कुछ खातेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए ये घपला किया गया है। बैंक का ये भी कहना है कि इस लेनदेन के आधार पर ऐसा लगता है कि दूसरे बैंकों ने भी विदेश में भी इन ग्राहकों को एडवांस दिए हैं यानी दूसरे बैंकों पर भी इसका असर पड़ सकता है. ये खबर ऐसे समय आई है कि जब भारत का बैंकिंग सेक्टर एक संकट से पहले ही गुज़र रहा है।
  • दस दिन से भी कम के समय में यह बैंक धोखाधड़ी का दूसरा मामला सामने आया है। इससे पहले पांच फरवरी को सीबीआई ने अरबपति हीरा कारोबारी नीरव मोदी, उनकी पत्नी, भाई और एक व्यापारिक भागीदार के खिलाफ वर्ष 2017 में पीएनबी के साथ 280.70 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था।
  • पीएनबी की शिकायत पर सीबीआई ने मोदी, उनके भाई निशाल, पत्नी एमी और मेहुल चिनूभाई चौकसी ने बैंक अधिकारियों के साथ साजिश में बैंक के साथ धोखाधड़ी करने और उसके गलत तरीके से नुकसान पहुंचने का केस दर्ज किया है।
  • सीबीआई ने मोदी, उनके भाई निशाल, पत्नी एमी और मेहुल चीनूभाई चौकसी के आवास पर छापेमारी भी की है। ये सभी डायमंड्स आर यूएस, सोलर एक्सपोर्ट्स और स्टेलर डायमंड्स में भागीदार हैं. दो बैंक अधिकारियों के आवास पर भी छापेमारी की गई है।
  • प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में हुई 280 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के संबंध में नीरव मोदी एवं अन्य के खिलाफ मनी लॉड्रिंग का मामला दर्ज किया है। यह मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की प्राथमिकी के आधार पर दर्ज किया गया है।
  • वित्त मंत्रालय ने पीएनबी के 11,300 करोड़ रुपये के घोटाले को लेकर जताई जा रही आशंकाओं को खारिज किया और कहा कि यह मामला ‘नियंत्रण के बाहर’ नहीं है और इस बारे में उचित कार्रवाई की जा रही है।
  • वित्त मंत्रालय ने सभी बैंकों को इस मामले से जुड़ी या इस प्रकार की घटनाओं के संबंध में इस सप्ताह के अंत तक रिपोर्ट देने को कहा है।
  • चार बड़ी आभूषण कंपनियां गीतांजलि, गिन्नी, नक्षत्र और नीरव मोदी जांच के घेरे में हैं. सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय उनकी विभिन्न बैंकों से सांठगाठ और धन के अंतिम इस्तेमाल की जांच कर रहे हैं।’’ इन कंपनियों से तत्काल प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है।
  • नीरव मोदी फोर्ब्स की भारतीय अमीरों की सूची में भी शामिल रहे हैं।
  • वर्ष 2015 में बैंक आफ बड़ौदा में भी दिल्ली के दो कारोबारियों द्वारा 6,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया था।

 

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