नई दिल्ली : गोल्ड ईटीएफ (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) से निवेशकों का लगातार मोहभंग बना हुआ है। अगस्त महीने में निवेशकों ने गोल्ड ईटीएफ से 45 करोड़ रुपये बाहर निकाले। इस प्रकार चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीने में कुल 241 करोड़ रुपये की निकासी की गयी। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के पास उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, गोल्ड फंड के प्रबंधन के तहत परिसंपत्ति 7.5 प्रतिशत गिरकर अगस्त अंत में 4,445 करोड़ रुपये रह गयी। एम्फी के आंकड़ों के मुताबिक, 14 गोल्ड लिंक्ड ईटीएफ से पिछले महीने (अगस्त) 45 करोड़ रुपये की निकासी की गयी। जुलाई में निकासी 50 करोड़ रुपये की था।

पिछले वर्ष अगस्त में ईटीएफ से कुल निकासी 58 करोड़ रुपये की थी। वहीं, दूसरी ओर इक्विटी और इक्विटी आधारित बचत योजनाओं (ईएलएसएस) में पिछले महीने 7,700 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। उद्योग जानकारों का कहना है कि शेयर बाजार में तेजी से भारतीय निवेशक गोल्ड ईटीएफ से दूरी बनाये हुये हैं। मॉर्निंगस्टार के निदेशक, प्रबंधक (शोध) कौस्तुभ बेलापुरकर ने कहा कि भारतीय निवेशक पारंपरिक तौर पर ईटीएफ के बजाय भौतिक रूप में सोना रखना पसंद करते हैं और इसे ही बेहतर विकल्प मानते हैं।

वास्तव में, निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो का 5-10 प्रतिशत हिस्सा सोने के में लगाना चाहिए। पिछले पांच वित्त वर्षों से गोल्ड ईटीएफ में लगातार गिरावट आ रही है। वित्त वर्ष 2017-18 में गोल्ड ईटीएफ से 835 करोड़ रुपये, 2016-17 में 775 करोड़ रुपये, 2015-16 में 903 करोड़ रुपये, 2014-15 में 1,475 करोड़ और 2013-14 में 2,293 करोड़ रुपये की निकासी की गयी।