वाशिंगटन : अमेरिका के एक प्रमुख सांसद रॉब पोर्टमैन ने कहा है कि अमेरिका का भारत के साथ व्यापार चीन-अमेरिका व्यापार की तुलना में दोगुनी तेजी से बढ़ रहा है। पोर्टमैन के अनुसार भारत अमेरिका के व्यापार में यह तेज वृद्धि इस द्विपक्षीय रिश्ते में मजबूती का बड़ा संदेश है। इसके साथ ही पोर्टमैन ने व्यापार व तटकर बाधाओं को हटाने का आह्वान किया जो कि उनकी नजर में द्विपक्षीय व्यापार वृद्धि में बाधा है।

पोर्टमैन ने यहां अमेरिका भारत रणनीतिक व भागीदारी मंच (यूएसआईएसपीएफ) के सालाना सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि (द्विपक्षीय व्यापार में) हमें लंबा रास्ता तय करना है। लेकिन मैं आपको एक अच्छी बात बताता हूं। आज यह 126 अरब डालर का (द्विपक्षीय व्यापार) 2005 के बाद से हमारे दोनों देशों के बीच व्यापार में 370 प्रतिशत बढ़ोतरी दिखाता है। इस अवधि में चीन के साथ व्यापार भी बढ़ा है लेकिन इसमें बढ़ोतरी केवल 174 प्रतिशत है।

पोर्टमैन ने कहा कि इसलिए अगर मैं कहूं तो अमेरिका-भारत का व्यापार अमेरिका-चीन (व्यापार) की तुलना में दोगुना तेजी से बढ़ रहा है।सांसद ने कहा कि यह बढोतरी दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों में मजबूती का एक संकेत है। उन्होंने कहा कि 2016 के आंकड़ों के अनुसार 100 से अधिक भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में 1,00,000 से अधिक रोजगार सृजित किए है।

इसी तरह अमेरिकी कंपनियों ने भारत में 26 अरब डालर का निवेश किया है। इसी कार्यक्रम में अमेरिका के उप व्यापार उप प्रतिनिधि (यूएसटीआर) जेफ्री गेरिश ने कहा कि भारत द्वारा अमेरिकी आयात शुल्कों के विरोध में ‘प्रतिकार शुल्क’ लगाए जाने का फैसला ‘उचित’ नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले साल अमेरिका-भारत व्यापार घाटे में कमी पर्याप्त नहीं थी।