एयर इंडिया के खिलाफ सर्वाधिक शिकायतें, समय की पाबंदी में इंडिगो अव्वल

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नयी दिल्ली: घरेलू हवाई यात्रियों की मार्च में सबसे ज्यादा शिकायत सरकारी विमान सेवा कंपनी एयर इंडिया के खिलाफ रहीं जबकि समय पर उड़ान भरने के मामले में चार मेट्रो शहरों के हवाईअड्डों पर इंडिगो का प्रदर्शन सवसे अच्छा और एयर इंडिया का सबसे खराब रहा।

नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के आँकड़ों के अनुसार, एयर इंडिया के खिलाफ प्रति एक लाख यात्री 21 शिकायतें आयीं। जेट एयरवेज और जेट लाइट के खिलाफ प्रति एक लाख यात्री 13, ट्रूजेट के खिलाफ सात, गो एयर के खिलाफ सात, एयर एशिया के खिलाफ छह और स्पाइसजेट के खिलाफ पाँच शिकायतें प्रति एक लाख यात्री दर्ज की गयीं। प्रति एक लाख यात्री इंडिगो के खिलाफ शिकायतों का औसत दो और विस्तारा के खिलाफ एक रहा।

हवाई यात्रियों की सबसे ज्यादा शिकायत फ्लाइट की समस्याओं को लेकर रहीं। कुल शिकायतों में 30.9 प्रतिशत इसी मद में की गयी थीं। इसके अलावा 24.4 प्रतिशत शिकातय बैगेज, 20.4 प्रतिशत ग्राहक सेवा, 8.7 प्रतिशत कर्मचारियों के व्यवहार और 6.5 प्रतिशत रिफंड के संबंधी में थीं। किराये को लेकर 2.2 प्रतिशत शिकायतें आयीं जबकि अन्य की श्रेणी का प्रतिशत 5.9 रहा।

देश के चार मेट्रो शहरों दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद हवाईअड्डों से समय पर उड़ान भरने (ओटीपी) के मामले में इंडिगो का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा। उसकी 88 प्रतिशत उड़ानें समय पर रवाना हुईं। इस मामले में लगातार पाँच महीने शीर्ष पर रहने वाली स्पाइस जेट 85.7 प्रतिशत के साथ ओटीपी के मामले में दूसरे स्थान पर रही।

इस मामले में नवोदित विमान सेवा कंपनी विस्तारा तीसरे स्थान पर रही। उसकी 85.। प्रतिशत उड़ानें समय पर रवाना हुईं। इसके बाद क्रमश: 81.8 प्रतिशत ओटीपी के साथ गोएयर, जेट एयरवेज और जेटलाइट (80.7 प्रतिशत) तथा एयर इंडिया (79.7 प्रतिशत) का स्थान रहा। मार्च में उड़ानों में देरी की सबसे बड़ी वजह उसी विमान का पहले की उड़ान में देर से आना रहा। एटीसी के कारण 13 प्रतिशत, हवाई अड्डे के कारण पाँच प्रतिशत, परिचालन और तकनीकी कारणों से चार-चार प्रतिशत और यात्रियों के कारण दो प्रतिशत उड़ानों में देरी हुई।

उड़ानें रद्द होने के मामले में भी बड़ी एयरलाइंसों में एयर इंडिया का प्रदर्शन सबसे खराब रहा। उसकी 1.08 प्रतिशत उड़ानें रद्द हुईं। हालाँकि, छोटी विमान सेवा कंपनियाँ एयर कार्निवल 9.68 प्रतिशत और ट्रूजेट 4.29 प्रतिशत के साथ इस मामले में क्रमश: पहले और दूसरे स्थान पर रहीं। एयर एशिया की 0.33 प्रतिशत, स्पाइस जेट की 0.30 प्रतिशत और इंडिगो की 0.26 प्रतिशत उड़ानें रद्द हुईं।

उड़ानों के रद्द होने की सबसे बड़ी वजह विविध कारण रहे। एयरलाइंसों ने 44.6 प्रतिशत उड़ानों के रद्द होने के कारण में इसी का जिक्र किया है। इसके बाद 38.7 प्रतिशत रद्द उड़ानों की वजह तकनीकी, 9.8 प्रतिशत की मौसम, 5.9 प्रतिशत की वाणिज्यिक और एक प्रतिशत की परिचालन संबंधी कारण रही।

(वार्ता)

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