चेन्नई : इंडियन बैंक ने इंफ्रास्ट्रकचर लीजिंग एंड फाइनेंसियल सर्विसिस लि. (आईएलएंडएफएस) को 1,800 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज दिया है। बैंक ने गुरुवार को कहा कि संकटग्रस्त बैंक को दिया गया ज्यादातर कर्ज ‘अच्छी’ श्रेणी का है और उसके डूबने का डर नहीं है। बैंक की प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी पद्मजा चंदुरू ने यहां संवाददाताओं को बताया, बैंक ने आईएलएंडएफएस के 10 कर्ज खातों को कुल 1,809 करोड़ रुपये का कर्ज दिया है।

इसमें से छह स्पेशल पर्पज व्हिकल (एसपीवी ऑफ आईएलएंडएफएस) को दिए गए हैं, जिसके राजस्व को एसक्रो खातों में रोक कर रखा जाता है। उन्होंने कहा कि इन 10 में से एक खाता तीन साल पहले ‘बुरा’ बन गया था, (कर्ज नहीं लौटाया जा रहा था) उसके बाद सरकारी बैंक ने इस संबंध में जरूरी प्रावधान (बैंक ने खुद कर्ज की भरपाई की) किया।

उन्होंने बताया कि हाल में 172 करोड़ रुपये का कर्ज गैर-निष्पादित (नहीं चुकाया गया) बन गया। चंदुरू ने कहा कि दो और कर्ज खातों को वॉच लिस्ट (पर नजर रखी जा रही है) में डाला गया है, जिनमें कुल 130 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया है। इंडियन बैंक ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को कुल 20,477 करोड़ रुपये के कर्ज बांटे हैं, जो कि कुल कर्ज का 30 सितंबर तक 12.40 फीसदी था।

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