नई दिल्ली : केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने मंगलवार को कहा कि सरकार खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की ऋण जरूरतों को पूरा करने के लिए इस महीने 2,000 करोड़ रुपये के शुरुआती कोष के साथ गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) की स्थापना करने के लिए बोलियां आमंत्रित करेगी। खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ने एक रिपोर्ट की पेशकश कार्यक्रम के मौके पर यहां संवाददाताओं से कहा कि महीने उम्मीद है कि आरएफपी (प्रस्ताव के लिए अनुरोध) आ जाना चाहिए।

इस साल के अंत तक एनबीएफसी स्थापित होगी। ‘फिक्सिंग एशिया फूड सिस्टम’ नामक इस रिपोर्ट को कारगिल इंडिया द्वारा शुरू किया गया है। प्रस्तावित एनबीएफसी का प्रारंभिक कॉर्पस (कोष) 2,000 करोड़ रुपये होगा। उन्होंने कहा कि मंत्रालय से थोड़ी सी राशि इसमें डाली जाएगी, और उम्मीद है कि अगले कुछ सालों में कॉर्पस की राशि कई गुना बढ़ जाएगी। यह बताते हुए कि कई अंतरराष्ट्रीय बड़ी निधियों ने इसके लिए रुचि दिखाई है, बादल ने कहा हम इस वित्तीय संस्थान के लिए धन जुटाने के लिए बैंकों के संघ को एक साथ लाने में सक्षम होंगे, जो न केवल खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को उधार देगा बल्कि जोखिम मूल्यांकन, क्षमता निर्माण और कटे खाद्य अपशिष्ट के लिए भी काम करेगा।

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उन्होंने कहा कि चूंकि जनसंख्या में वृद्धि के साथ भोजन की मांग बढ़ रही है, इसलिए कुछ धन का उपयोग अनुसंधान और विकास के लिए भी किया जा सकता है मंत्री ने निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी और कटाई बाद के नुकसान को कम करने के लिए एक निकाय स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।