सरकार ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के अब तक के न्यूनतम स्तर पर पहुंचने के लिये ‘बाह्य कारकों’ को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि इसमें चिंता की कोई बात नहीं है। आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने कहा कि आने वाले समय में इन बाहरी वजहों में सुधार आने की संभावना है।
उन्होंने कहा, ”रुपये में गिरावट का कारण बाहरी कारक हैं और इस समय चिंता की कोई वजह नहीं है।” तुर्की की आर्थिक चिंता से अमेरिकी डालर के मुकाबले रुपया मंगलवार को कारोबार के दौरान 70.1 के स्तर तक गिर गया। आनंद राठी शेयर्स एंड स्टाक ब्रोकर्स में शोध विश्लेषक आर मारू ने कहा कि आयातकों की अधिक मांग से रुपये की विनिमय दर में गिरावट आयी।
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उन्होंने कहा, तुर्की संकट को लेकर अनिश्चितता तथा डालर सूचकांक में तेजी को देखते हुए आयातक आक्रमक तरीके से डालर लिवाली कर रहे हैं। दूसरी तरफ आरबीआई की तरफ से आक्रमक हस्तक्षेप नहीं होने से भी रुपया नीचे आया।


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