नई दिल्ली : फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रवर्तक शिविंदर मोहन सिंह ने गुरुवार को कहा कि वह राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) में अपने बड़े भाई मालविंदर सिंह तथा रेलिगेयर के पूर्व प्रमुख सुनील गोधवानी के खिलाफ याचिका वापस लेने जा रहे हैं। शिविंदर ने इस बारे में एनसीएलटी में आवेदन किया है। शिविंदर ने इससे पहले आरोप लगाया था कि उनके बड़े भाई तथा गोधवानी की गतिविधियों की वजह से कंपनियों तथा उनके शेयरधारकों का हित प्रभावित हुआ है।

शिविंदर मोहन सिंह ने कहा कि मैंने एनसीएलटी में याचिका वापस लेने के लिए आवेदन कर दिया है। उन्होंने बताया कि मध्यस्थता की प्रक्रिया शुरू की गई है। यदि इससे बात नहीं बनती है तो मेरे पास अपील दोबारा दायर करने का विकल्प होगा। एनसीएलटी में अपने आवेदन में शिविंदर ने कहा कि हमारी मां ने दोनों भाइयों से परिवार के बड़ों की मध्यस्थता में यह मामला सुलझाने को कहा है। आवेदन में कहा गया है कि मां के सम्मान की वजह से दोनों पक्षों ने मध्यस्थता की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी है।

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शिविंदर की वकील रंजना आर गवई ने कहा कि यह याचिका अभी तक वापस नहीं ली गई है लेकिन इसे वापस लिया जा रहा है। शिविंदर की बीमार मां चाहती हैं कि इस मामले को मध्यस्थता के जरिये घरेलू मंच पर ही सुलझाया जाए। शिविंदर की पहले की याचिका पर अंतरिम आदेश जारी करते हुए एनसीएलटी की प्रधान पीठ ने छह सितंबर को आरएचसी होल्डिंग की शेयरधारिता तथा संरचना के मामले में यथास्थिति कायम रखने को कहा था।