आपकी बाइक भी दे सकती है 153 किमी प्रति लीटर की एवरेज, जानिये कैसे


पिछले कुछ सालों में जिस रफ़्तार से पेट्रोल की कीमतें ऊपर गयी है हमारी जेब पर और अधिक दबाव पड़ने लगा है। आप ये तो जानते होंगे की भारत दुनिया के सबसे ज्यादा दुपहिया वाहनों को इस्तेमाल करने वाला देश है। दोपहिया वाहन जैसे मोटरसाइकिल, स्कूटर और स्कूटी भारत में सबसे अधिक बिकते है।

जाहिर सी बात है भारत में आधे से अधिक आबादी माध्यम दर्जे की है जिनके लिए कार का दैनिक खर्च निकालता जरा मुश्किल है और दोपहिया वहां भीड़-भाड़ वाली सड़कों पर आपके सच्चे साथी साबित होते है। अब ऐसे में हमारी प्राथमिकता इस बात पर ज्यादा रहती की दोपहिया वाहन अच्छा एवेरज देने वाला होना चाहिए।

आमतौर पर भारत में दो पहिया वाहन की एवरेज 70 से 80 किलोमीटर प्रतिलीटर सबसे अच्छी मानी जाती है पर अगर आपको ऐसे बाइक मिले जिसका एवरेज 153 किलोमीटर प्रतिलीटर हो तो आप हाथोहाथ खरीदना चाहेंगे। ऐसा ही कुछ कारनामा कर दिखाया है उत्तरप्रदेश के एक युवक ने जिसने अपनी बाइक के साथ ऐसा जुगाड़ किया की ये बाइक अब 153 किलोमीटर से ऊपर का एवरेज दे रही है।

इन्होने अपनी बाइक के इंजन में कुछ ऐसे बदलाव किये है जिससे ये दुगना एवरेज दे रहा है। साथ ही इस इंजन के मॉडल को उत्तर प्रदेश काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी के साथ ही एक राष्ट्रीय इंस्टीट्यूट ने प्रमाणित भी किया है। इस कारनामे कोकारने वाले शख्स का नाम विवेक है जिन्होंने आम बाइक के इंजन के कारबोरेटर में कुछ ऐसी तब्दीलियाँ की है की इस प्रयोग से किसी भी बाइक के एवरेज को बेहतर बनाया जा सकता है।

कटरा स्थित श्री माता वैष्णो देवी यूनिवर्सिटी के टेक्नॉलजी बिजनस इंक्यूबेशन सेंटर ने विवेक की इस तकनीक को स्टार्टअप के तौर पर रजिस्टर किया है। इसके लिए सेंटर की ओर से स्टार्टअप प्रॉजेक्ट के लिए 75 लाख रुपये की मदद भी स्वीकृत की गई है। आने वाले सालों में बड़ी दोपहिया वाहन कंपनियां इस मॉडल को खरीद आकर अपनी बाइक्स में इस्तेमाल कर सकती है।

विवेक बताते है इस प्रयोग में उन्हें करीब 2 साल का वक्त लगा है लेकिन उन्हें ख़ुशी है की उनका ये प्रयोग भारतीय वाहन बाजार में जबरदस्त बदलाव ला सकता है। तो इंतज़ार कीजिये जल्द से जल्द इस मॉडल के मार्किट में आने की ताकि आप भी लाभ उठा सके इस तकनीक का।