प्रेमी जोड़े की हुई विदाई…. चुप रहा कानून…?


प्रधान और परिवार के लोगों ने हाथ पकड़ कर गांव के बाहर छोड़ा बगैर शादी के ही करार दे दिया गया पति-पत्नी, नाबालिग कंधों पर डाला गया मुफलिसी का बोझ

शामली  : गुराना गांव में मुहब्बत करने वालों पर बैठी पंचायत के फरमान की तामील करते हुए परिजनों ने प्रेमी जोड़े का हाथ पकड़कर उन्हें गांव से बाहर निकाल दिया। पंचायत ने कानून का उल्लंघन करते हुए सामाजिक रीति-रिवाज के बगैर ही लड़का-लड़की को पति-पत्नी करार दे दिया। इतना ही नही खुद गांव के प्रथम व्यक्ति कहे जाने वाले प्रधान भी पंचायत के हुकुम की तामील कराने के लिए लड़का-लड़की को छोडऩे गांव के बाहर तक गए। देश में संविधान और कानून के चक्रव्यूह के बावजूद पंचायतों द्वारा इस तरह के तालिबानी फरमान जारी करने के बावजूद भी पुलिसवाले इसे सामाजिक मामला करार देते हुए अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।  

गढ़ीपुख्ता थाना क्षेत्र के गांव गुराना में एक १६ साल के एक लड़के को गांव की ही एक १७ वर्षीय लड़की से प्रेम हो गया था। दोनों लुक-छिप कर एक दूसरे से मिलने लगे। परिजनों को जब दो नाबालिकों को हुए इश्क के रोग की जानकारी हुई, तो उन्होंने ऐतिहात के तौर पर दोनों के मिलने-जुलने पर पाबंदी लगा दी, लेकिन इसके बावजूद भी लड़का-लड़की मौका मिलने पर एक दूसरे से मिलते रहे। इस बीच उनके बीच प्यार ओर बढ़ गया, तो दोनों करीब छह दिन पूर्व एक दूसरे के साथ जीने-मरने की कसमें खाकर गांव से भाग निकले, हालांकि परिजनों ने भागदौड़ कर दोनों को खुद ही बरामद भी। मामले को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बढऩे पर गांव में पंचायत बैठाई गई।

शुक्रवार और शनिवार को हुई पंचायतों में पंचों ने नाबालिगों को गांव छोडऩे का फरमान सुना डाला। गांव के दर्जनों लोगों के बीच लिखे गए पंचायत नामें पर पंचों समेत प्रधान और संभ्रांत लोगों के साइन और अंगूठे भी लगवाए गए थे। इस पंचायत नामें में लड़का-लड़की को बगैर सामाजिक रीति-रिवाज के ही पति-पत्नी मान लिया गया था, जबकि लड़का-लड़की नाबालिग बताए जा रहे थे। पंचायत ने परिजनों को दोनों से संबंध खत्म करने की चेतावनी देते हुए युगल को गांव से बाहर निकल जाने के आदेश दिए थे।

ऐसा नही करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी गई थी। इन सब के बाद अब पता चला है कि पंचायत के तालिबानी फरमान के डर से परिजनों ने लड़का-लड़की को हाथ पकड़कर गांव से बाहर निकाल दिया है। जब परिजन लड़का-लड़की को गांव से बाहर ले जा रहे थे, तब स्वयं ग्राम प्रधान भी उनके साथ होकर पंचायत के हुकुम की तामील कराने में लगे हुए थे। सूत्रों से पता चला है कि अब लड़का-लड़की गांव की सीमा से दूर गैर जनपद में रह रहे हैं, हालांकि अब पंचायत के फरमान पर परिजनों का पारा भी उठने लगा है, लेकिन खाप पंचायतों के डर की वजह से लड़का-लड़की के परिजन अभी चुप्पी साधे हुए हैं।

– (दीपक वर्मा)