बहादूर कंडक्टर ने सुनाई अमरनाथ यात्रा पर हमले की कहानी


हाल ही में अमरनाथ यात्रा पर आतंकियों ने हमला कर दिया था। उस हमले में कई सारे भक्तों की जानें भी गई थी। अगर इस हमले में अपनी बहादूरी और समझदारी नहीं दिखार्ई होती तो यह हमला काफी भयानक भी हो सकता था। जब यह हमला हुआ था तो बस के ड्राइवर सलीम ने अपनी समझदारी से इस हमले में ज्यादा नुकसान नहीं होने दिया था।

इसके साथ ही बस के कंडक्टर मुकेश पटेल ने भी महत्तवपूर्ण भूमिका निभाई थी। जब हमला हुआ था उस वक्त मुकेश बस के दरवाजे पर ही खड़े हुए थे। उस हमले में तीन आतंकवादी थे जो यह सोच कर आए थे कि यह यात्रा को लोगों की आखिरी यात्रा बना देंगे।

बता दें की एक आंतकी ने बस के अंदर आने की पूरी कोशिश कर रहा था लेकिन मुकेश ने उस आंतकी को बस में आने का मौका नहीं दिया था और उसे धक्का दे दिया था। और मुकेश जोर से धक्का देने के बाद बस का दरवाजा बंद कर दिया था। जिसकी वजह से आंतकी अंदर नहीं आ पाया था। उसके बाद बस के ड्राइवर ने बस को तेजी से भगाया। आपको बता दें की मुकेश वलसाड के अस्पताल में भर्ती है। वहां पर उसका इलाज चल रहा है।

खबरों के मुताबिक मुकेश ने बताया कि वह अपनी कंडक्टर की सीट पर बैठा हुआ था। बस जम्मू से वापस आ रही थी। मुकेश ने कहा कि बस का पंचर ठीक कराया था फिर उसके बाद वह लोग दस से पंद्रह किलोमीटर तक आ गए थे फिर फायरिंग शुरू हो गई थी। मुकेश ने कहा पहले उन सबको लगा कि कोई फटाखे फोड़ रहा है।

मुकेश ने बताया कि एक गोली अचानक से कांच को चीरती हुई हर्ष भाई को लग गई। उन्होंने कहा कि एक आंतकी ने पूरी कोशिश की थी बस में घूसने की लेकिन मैंने उसे बस में घूसने नहीं दिया था। हर्ष भाई ने हमसे कहा कि कुछ भी हो लेकिन बस नहीं रोकने देना। हम बस भगाते गए तब तक बस नहीं रोकी जब तक हमें मिलेट्री कैंप नहीं दिखा जब मिलेट्री कैंप दिखा तो हमें बस रोक दी।

मुकेश ने बताया, ”घटना में जो कुछ भी हुआ वो बहुत गलत था लेकिन मिलेट्री ने हमें बहुत सहयोग किया। मैं आतंकवादियों से कहना चाहता हूं कि बुजुर्ग और गरीब यात्री को मारकर क्या मिलेगा। अगर क्षमता है तो सामने आओ। यह बात गलत है कि बस का रजिस्ट्रेशन नहीं था, बस का रजसिट्रेशन और हर एक यात्री की जानकारी भी थी।”

मुकेश ने कहा, “अभी भी मेरे शरीर में दर्द हो रहा है, पैर में फ्रेक्टर आया है। जांच रिपोर्ट में पता चला है कि सिर में कांच के छोटे छोटे टुकड़े भी घुसे हैं। अब आगे डॉक्टर सर्जरी करके इन्हें निकालेंगे।”