1993 मुंबई ब्लास्ट में सजा का ऐलान : फिरोज, ताहिर को फांसी, अबू सलेम, करीमुल्ला को उम्रकैद और रियाज को 10 वर्ष की कैद


नई दिल्ली: 12 मार्च साल 1993 के मुंबई धमाकों के मामले में मुंबई की विशेष अदालत टाडा ने अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सजा सुनने के बाद अदालत में ही अबू सलेम रो पड़ा। सलेम पर दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अबू के दूसरे साथी मोहम्मद ताहिर मर्चेंट और फिरोज अब्दुल राशिद खान को फांसी की सजा सुनाई गई। अदालत ने करीमुल्लाह खान को भी उम्रकैद की सजा सुनाई और उस पर दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। यदि करीमुल्लाह यह जुर्माना देने में नाकाम रहता है तो उसे जेल में दो साल और गुजारने होंगे। रियाज सिद्दीकी को 10 साल की सजा सुनाई गई।

 

अदालत के फैसले के बाद विशेष सरकारी वकील एवं वरिष्ठ अधिवक्ता उज्जवल निकम ने बताया कि अबू सलेम को उम्रकैद हुई है। अबू सलेम 12 साल जेल में गुजार चुका है। ऐसे में भारत और पुर्तगाल मिलकर तय करेंगे को अबू सलेम को जेल में कितना दिन रहना होगा। वैसे मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि पुर्तगाल के कानून के मुताबिक, उम्रकैद का मतलब 25 साल होता है। ऐसे में उसे जेल में और 13 साल गुजारने होंगे।

24 साल पहले हुए 12 सीरियल ब्लास्ट के एक मास्टर माइंड मुस्तफ़ा दौसा की फैसले से पहले ही मौत हो चुकी है लेकिन लोगों को उम्मीद है कि अबू सलेम सहित 5 दोषियों को अदालत कड़ी से कड़ी सज़ा का ऐलान करेगी। 16 जून 2017 को कोर्ट ने इस केस में अबू सलेम, मुस्तफा दौसा, उसके भाई मोहम्मद दौसा, फिरोज अब्दुल राशिद खान, मर्चेंट ताहिर और करीमुल्लाह शेख को दोषी करार दिया था।

गैंगस्टर अबू सलेम को पुर्तगाल से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया था। पुर्तगाल से प्रत्यर्पण संधि होने के कारण कोर्ट सलेम को फांसी या आजीवन कारावास की सजा नहीं दे सकती है। उसे अधिकतम 25 साल तक की सजा दी जा सकती है। इसलिए अभी फांसी की सजा पर सवालिया निशान लगा है।

बता दें कि 1993 का मुंबई सीरियल ब्लास्ट दुनिया का ऐसा पहला आतंकी हमला था जिसमें बहुत बड़े पैमाने पर RDX का इस्तेमाल किया गया। एक के बाद एक बारह धमाकों में जितना RDX इस्तेमाल किया गया उससे ज्यादा RDX सिर्फ दूसरे वर्ल्ड वार के दौरान ही इस्तेमाल हुआ था। धमाका इतना बड़ा था कि ढाई सौ से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और सात सौ से भी ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

कहां-कहां हुए  धमाके

  • स्टॉक एक्सचेंज – दोपहर 1:30 बजे
  • कलबादेवी – दोपहर 2:15 बजे
  • शिवसेना भवन – दोपहर 2:30 बजे
  • एयर इंडिया बिल्डिंग – दोपहर 2:33 बजे
  • सेन्चुरी बाज़ार – दोपहर 2:45 बजे
  • माहिम – दोपहर 2:45 बजे
  • झवेरी बाज़ार – दोपहर 3 बजे
  • सी रॉक होटल – दोपहर 3:10 बजे
  • प्लाजा सिनेमा – दोपहर 3:15 बजे
  • जुहू सेंटूर होटल – दोपहर 3:20 बजे
  • सहार हवाई अड्डा – दोपहर 3:30 बजे
  • एयरपोर्ट सेंटूर होटल – दोपहर 3:40 बजे
धमाकों के दोषी और उनके गुनाह

अबु सलेम

  • गुजरात के भरूच से मुंबई में हथियारों की सप्लाई की
  • 9 Ak-56 राइफल, 100 हैंड ग्रेनेड, गोलियां मुंबई पहुंचाई
  • हथियार मुंबई लाने और बांटने के साथ साजिश रचने का दोषी

मुस्तफा दौसा

  • रायगढ़ में आरडीएक्स पहुंचाने और साजिश रचने का दोषी
  • आतंकियों को ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान भेजने का दोषी
  • दोषी ठहराए जाने से पहले ही मुस्तफा दौसा की मौत हुई

ताहिर मर्चेंट

  • सीरियल धमाकों की साजिश में शामिल रहने का दोषी
  • धमाके के बाद कुछ लोगों को पाकिस्तान भेजने का इंतजाम

रियाज सिद्दीकी

  • विस्फोटक लाने के लिए अबु सलेम को अपनी कार दी
  • रियाज सिद्दीकी की कार से ही विस्फोटक मुंबई पहुंचा

फिरोज खान

  • दुबई में धमाकों की साजिश रचने वाली मीटिंग में शामिल था
  • धमाके के लिए मुंबई में हथियार और विस्फोटक लाने में मदद की

करीमउल्ला शेख

  • आतंकियों को पाकिस्तान में आतंकी ट्रेनिंग दिलवाने का दोषी
  • हथियार और विस्फोटक लाने में मदद पहुंचाने का दोषी

क्या था मामला

12 मार्च, 1993 को मुंबई में एक के बाद एक 12 बम धमाके हुए थे। बम धमाके में 257 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 700 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। बताया जाता है कि धमाकों में 27 करोड़ रुपये संपत्ति नष्ट हुई थी।इस मामले में 129 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया था।

साल 2007 में टाडा कोर्ट ने 100 लोगों को सजा सुनाई. इसी मामले में याकूब मेमन को 2015 में फांसी हुई थी।ब्लास्ट से जुड़े एक अन्य मामले में ही फिल्म अभिनेता संजय दत्त अवैध हथियार रखने के दोषी पाए गए और उन्हें टाडा कोर्ट ने पांच साल की सजा सुनाई थी। वहीं ब्लास्ट का मास्टरमाइंड दाऊद इब्राहिम 1995 से फरार है।