नोएडा और चेन्नई के बाद अब गाजियाबाद में एक चार मंजिला निर्माणाधीन इमारत जमींदरोज़ हो गई है। इमारत में कई मज़दूर उस समय काम कर रहे थे। मलबे में कई मज़दूरों के दबे होने के सुचना है। स्थानीय प्रशासन घटना स्थल पर पहुंच चुका है और राहत और बचाव कार्य शुरु कर दिया है। घटना मसूरी की आकाश नगर कालोनी की बतायी जा रही है। मौके पर पुलिस और NDRF की टीम पहुंच गई है। खबर के अनुसार हादसे के वक्त बिल्डिंग में कई मज़दूर काम कर रहे थे। मलबे में दबी एक महिला को बचा लिया गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक इमारत सें कई मजदूर मौजूद थे। फिलहाल हादसे के बाद 2 बच्चों समेत पांच लोगों को मलबे से सकुशल बाहर निकाल लिया गया है।

गौरतलब है की लगातार इस तरह की खबरे सामने आ रही है। बावजूद उसके प्रशासन के तरफ से किसी भी तरह के कदम नहीं उठाये जा रहे है। मलबे में से बाहर निकाली गई महिला का कहना है उसका परिवार इस मलबे में दबा हुआ है। बता दें कि इससे पहले शनिवार को तमिलनाडु के चेन्नई में भी एक निर्माणाधीन इमारत के गिरने का मामला सामने आया था। इस हादसे में 1 व्यक्ति की मौत हो गई थी, वहीं 17 लोग घायल हुए थे। घायलों में 5 लोगों को सिर में गंभीर चोटें आयी हैं। खबर के अनुसार, निर्माणाधीन इमारत किसी अस्पताल की है, जो शनिवार शाम 7.20 बजे के करीब धराशायी हो गई थी।

यह इमारत भी 4 मंजिला थी। प्रशासन का इस हादसे पर कहना है कि अभी तक इमारत के गिरने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। फिलहाल हादसे की जांच चल रही है और यह देखा जा रहा है कि इमारत के निर्माण में किसी तरह के नियमों की अनदेखी तो नहीं की गई।उल्लेखनीय है कि इससे पहले ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी इलाके में 2 इमारतें धराशायी हो गईं थी। इस हादसे में 9 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी और एनडीआरएफ की टीम 4 दिन के बाद मलबा साफ कर सकी थी। इमारतों के गिरने के पीछे निर्माण की घटिया क्वालिटी का कारण बताया जा रहा है। पुलिस ने इस मामले में बिल्डर समेत 4 लोगो को गिरफ्तार भी किया है।