चक्रवात की चपेट में 81 मछुआरों की तलाश हुई शुरू


ढ़ाका:बंगलादेश में भयंकर ‘मोरा’ चक्रवात की चपेट में आकर कई लोगों के मारे जाने और हजारों के बेघर होने के बाद नौसेना ने बंगाल की खाड़ी से 63 मछुआरों को सुरक्षित बचा लिया, जबकि अभी भी लापता 81 मछुआरों की तलाश की जा रही है। कॉक्स बाजार यांत्रिक नौका मालिकों की एसोसिएशन के प्रमुख मुस्ताक अहमद ने कहा,’144 मछुआरों में से 81 अभी भी लापता हैं। बंगलादेशी नौसेना ने 33 को और भारतीय नौसेना ने 30 मछुआरों को सुरक्षित निकाल लिया।’

गत मंगलवार को 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार की तेज हवा और भारी बारिश के साथ आए मोरा तूफान ने कॉक्स बाजार के चारों ओर दक्षिण पश्चिम बंगलादेश और पड़ोस की म्यांमार सीमा पर तबाही मचा दी। तूफान के कारण शिविरों में रह रहे मुस्लिम रोङ्क्षहज्ञा शरणार्थियों के शिविर उजड़ गये।

सांप्रदायिक दंगों और म्यांमार सेना के अभियान के कारण उत्तर पश्चिम म्यांमार से बड़ी संख्या में रोहिंज्ञा अपने घरों को छोड़कर बंगलादेश में शरण लिए हुए हैं। बंगलादेशी सरकार का अनुमान है कि विद्रोही हमले के बाद गत अक्टूबर में सेना के अभियान के बाद करीब तीन लाख 50 हजार रोहिंज्ञा शरणार्थी हैं जिनमें से अधिकांश को मंगलवार को चक्रवात से पहले कॉक्स बाजार और पड़ोसी चित्तगोंग जिले के निचले इलाकों से हटा लिया गया था। अधिकारियों के मुताबिक ‘मोरा’ चक्रवात के कारण हाल में श्रीलंका में आई बाढ़ और भूस्खलन तथा भारत के दक्षिणी तटीय इलाकों में 202 लोगों की मौत हो चुकी है।