प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक तरफ जहां बेटी बचाओं और बेटी पढ़ाओं की बात करती है वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में पढ़ने वाली छात्राएं ही खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहीं । बता दे कि BHU की छात्राएं सड़क पर उतर आई हैं।

BHU की एक छात्रा के साथ हुए छेड़खानी के विरोध में धरना दे रही हैं मगर ये छेड़खानी की घटना BHU में नया नही हैं और न ही एक छात्रा के साथ की है। छात्राओं का कहना है कि ये एक घटना नहीं है बल्कि यहाँ आए दिन लड़कियों के साथ छेड़खानी की घटना होती ही रहती है। वहीं एक छात्रा ने तो इससे तांग आकर अपना सिर तक मुंडवा लिया ताकि उसे कोई लड़का नही छेड़े। आट्र्स फैकल्टी की छात्रा आकांक्षा सिंह जिसके साथ एक महीने पहले छेड़खानी की घटना हुई थी उसने शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नही हुई जिससे तांग आकर उसने अपना सर तक मुंडवा दिया।

बता दे कि BHU के त्रिवेणी संकुल में रहने वाली छात्रा शाम के समय कहीं से वापस हॉस्टल लौट रही थी। उसी दौरान भारत कला भवन के पास कुछ युवकों ने छेडख़ानी की। जब छात्रा ने विरोध किया तो वह लोग अपशब्द बोलते हुए भाग निकले। इस पर छात्रा ने कुछ दूरी पर मौजूद प्रॉक्टरकर्मियों से नाराजगी जताई लेकिन उनकी शिकायत को अनसुना कर समझा बुझाकर लौटा दिया गया। नाराज छात्रा ने जब रात्रि में अन्य साथियों को इसकी जानकारी दी तो वह सभी उबाल में आ गए।

कल मध्य रात करीब 12 बजे संकुल गेट पर प्रदर्शन शुरू हो गया। इसकी भनक लगते ही प्रॉक्टोरियल बोर्ड के अलावा हॉस्टल के वार्डेन सहित BHU के तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे। छात्रओं को मनाने का भरपूर प्रयास होता रहा लेकिन वह सब मानने को तैयार नहीं हुई। छात्राओं का कहना था कि आए दिन घटनाएं हो रही हैं लेकिन बीएचयू प्रशासन मौन धारण किया हुआ है। दूसरी ओर नवीन महिला हास्टल की छात्रओं के साथ अश्लील हरकत का मामला सामने आया है।

छात्राओं का आरोप है कि रात BHU कैंपस में भारत कला भवन के पास ऑर्ट्स फैकेल्टी की छात्रा के साथ तीन लड़कों ने उसके साथ छेड़खानी की । शोर मचाने पर भी 20 मीटर दूर खड़े सुरक्षा गार्ड्स ने कोई मदद नहीं की। पीड़ित लड़की ने हॉस्टल आकर वार्डेन से शिकायत की। इसके साथ ही उसने चीफ प्रॉक्टर को भी उसकी सूचना दी। छात्राओं का आरोप है कि जब उनसे शिकायत की गई तो उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का दौरा है। अभी आप सभी लोग शांत रहिए।

आपको बता दे कि जिस तरह से इन छात्राओं ने प्रदर्शन किया उससे ज़िला प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं और धरना स्थल पर भारी फोर्स को तैनात कर दिया गया। इन छात्राओं का आरोप है इनके साथ कैंपस में लगातार छेड़खानी होती है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती. इन छात्राओं का आरोप है कि इसमें प्राक्टोरियल बोर्ड के लोग भी शामिल हैं जिसकी वजह से कोई कार्रवाई नहीं होती है।