भारत का वित्तीय स्थिरता सुधारों में बेहतर रिपोर्ट कार्ड, जी-20 को सौंपी रिपोर्ट


नयी दिल्ली : वैश्विक वित्तीय प्रणाली को मजबूत बनाने को लेकर गठित किये गये वित्तीय स्थिरता बोर्ड (एफएसबी) ने भारत को बेहतर अनुपालन वाले उन देशों की सूची में रखा है जिन देशों ने वित्तीय क्षेत्र में प्राथमिकता वाले सुधारों का अनुपालन कर लिया है या फिर काफी कुछ अनुपालन पूरा कर लिया है।

एफएसबी ने यह रिपोर्ट सौंप दी है। इस रिपोर्ट में भारत सहित जी20 देशों में वित्तीय नियमन सुधारों के क्षेत्र में हुई प्रगति की ताजा जानकारी दी गई है। यह रिपोर्ट जर्मनी में होने जा रही जी20 देशों के शिखर सम्मेलन से पहले सौंपी गई है। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी भाग लेंगे।

इस रिपोर्ट में भारत को वित्तीय क्षेत्र के बासेल-तीन नियमों के तहत जोखिम आधारित पूंजी के मामले में ‘अनुपालन’ वाले देशों की सूची में रखा गया है। जबकि तरलता कवरेज अनुपात के मामले में भारत को “काफी कुछ अनुपालन” पूरा करने वाले देशों में शामिल किया गया है।

वित्तीय स्थिरता क्षेत्र में अनुपालन पूरा करने वाले अन्य देशों में अर्जेंटीना, आस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, हांग कांग, इंडोनेशिया, जापान, मैक्सिको, दक्षिण कोरिया, रूस, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका, स्विटजरलैंड, तुर्की और अमेरिका शामिल हैं।

रिपोर्ट के अनुसार फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, स्पेन और ब्रिटेन उन देशों में है जिन्होंने कम से कम एक मानंदड के तहत अनुपालन को पूरा नहीं किया है। विभिन्न मानदंडों में जहां तक शुद्ध स्थिर वित्तपोषण अनुपात (एनएसएफआर) की बात है भारत को इस मामले में उन देशों के साथ रखा गया है जिन्होंने “अंतिम नियम तो तैयार कर लिये हैं लेकिन उन्हें लागू नहीं किया है, या फिर नियमों का प्रारूप प्रकाशित कर लिया गया है।”

क्षतिपूर्ति संबंधी सुधारों के मामले में भारत उन देशों में शामिल है जहां “कुछ को छोड़कर बाकी सभी में एफएसबी के सिद्धांतों और मानकों को लागू कर लिया गया है।” इसके अलावा और भी तमाम मानक हैं जिनमें भारत को अनुपालन वाले देशों की सूची में रखा गया है।