एक साथ हों सभी चुनाव: नीतीश


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देश में हर साल किसी न किसी राज्य में विधानसभा या लोकसभा चुनाव हो रहें हैं। मगर उस पर चर्चा करने के लिए विषय नहीं है। गुजरात में जो चुनाव हो रहा है वह सेमी फाइनल है कहना गलत होगा। मैंने उतर प्रदेश के चुनाव में भी जो सर्वे किया था वह सही था और वही गुजरात में भी होगा। ये बातें आज सुबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जनसंवाद के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिकि पार्टियों को समिति बनाने की जरूरत है और सभी को एक ही प्लेटफॉर्म पर आकर संविधान में परिवर्तन करना होगा।

लोकसभा, विधानसभा, नगर निकाय, पंचायती चुनाव पांच साल में करना होगा। तभी इसका निष्कर्ष निकाला जा सकता है। अगर कहीं पर चुनाव कराना है तो एक साल के लिए चुनाव करायें तभी पांच साल का चुनाव हो सकता है। राजनीतिक पंडितों एवं व्याख्याता को भी इस पर विचार करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि साहब सोंचिये की देश के प्रधानमंत्री गुजरात का रहने वाला है और वहां पर चुनाव हारने की बात कहे इसका कोई भविष्यवाणी नहीं कर सकता है।

प्रधानमंत्री को भी न्याय संगत कार्रवाई करने के लिए आगे आना चाहिए ताकि पांच साल में चुनाव हो सके। इसका पक्षधर पहले था और आज भी हॅू। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा मंत्रियों को किसी तरह सम्मेलन नहीं हो सका। उसमें केन्द्र सरकार का एक करोड़ 50 लाख रुपया खर्च होना था वहीं राज्य सरकार का कम खर्च था। यहां सम्मेलन होने से बिहार के बाहर में इनका प्रशंसा होता। मगर अब विशाखापतनम के बाद बिहार में होगा। उन्होंने कहा कि मैं पहले भी आरक्षण के पक्षधर हॅू और बिहार में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है जदयू लोकसभा आरक्षण के पक्षधर थे।

ताकि हमलोग नारी सशक्तिकरण को आगे बढ़ा सकें। मुख्यमंत्री ने लालू प्रसाद पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राजद का अपना संविधान है वह प्रत्येक साल चुनाव कराये उससे हमें कोई लेन-देना नहीं है और न ही उस पर कोई टिप्पणी करते हैं। अखबार में खबर पाने केलिए राजद केलोग अनेक तरह के बयान देते हैं। शौचालय घोटाला पर उन्होंने कहा कि जो एनजीओ सरकारी पैसा घपला किये हैं उन्हें नहीं छोड़ा जायेगा। पूरे सासाराम में शौचालय बन गया है फिर भी हमने अफसर को हिदायत दी कि ओप दोबारा निरीक्षण कीजिये। उन्होंने कहा कि बिहार के सभी थानों में मुजरिम को जेल ले जाने, कोर्ट में हाजिरी करने वाले और एफआईआर दर्ज करने के लिए कागज उपलब्ध है। जिसका बजट तीन केटैगरी का है- 25000, 15000 और 10000।

हमने कुर्सी संभालने के पहले ही इनन सभी का प्रावधान किये हैं अब कोई थाना में कोई कहता है कि मेरे पास एफआईआर दर्ज करने हेतु कागज नहीं है तो डीजीपी साहिब अपने स्तर से कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि शराबबंदी की तर्ज पर दहेज और बाल विवाह कानून को सख्ती से प्रयोग किया जायेगा। इसका प्रचार-प्रसार बड़े पैमाने पर ग्रामीण इलाकों में चलाया जायेगा। कश्मीर के बारे में उन्होंने कहा कि कश्मीर के बारे में लोग लोग बोल रहे हैं तो अपना उल्लू सीधा करने के लिए बोल रहा है लेकिन कश्मीर भारत का अंग है इसे कोई अलग नहीं कर सकता।

मौके पर पंचायती राज मंत्री कपिलदेव कामत, भूमि सुधार मंत्री रामनारायण मंडल, ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र यादव, सहकारिता मंत्री राणा रणधीर सिंह, अनुसूचित जाति, जनजाति कल्याण मंत्री संतोष कुमार निराला, मुख्य सचिव अंजनी कुमार, गृह सचिव अमिर सुबहानी, पुलिस महानिदेशक पीके ठाकुर, जिलाधिकारी संजयकुमार अग्रवाल, वरीय पुलिस अधीक्षक मनु महाराज एवं विभाग के सभी प्रधान सचिव उपस्थित थे।