दस करोड़ से अधिक के गबन मामले की जांच शुरू


भागलपुर, (वार्ता): बिहार आर्थिक अपराध इकाई (इओयू) की टीम ने यहां सृजन महिला विकास सहयोग समिति लिमिटेड और इंडियन बैंक की मिलीभगत से हुई दस करोड़ रुपये से अधिक की सरकारी राशि के गबन मामले की जांच शुरू कर दी। आधिकारिक सूत्रों ने यहां बताया कि इओयू के पुलिस महानिरीक्षक जी. एस. गंगवार के नेतृत्व में आई टीम ने सृजन महिला समिति और इंडियन बैंक के चार-पांच कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। गबन के इस मामले में जिला प्रशासन की ओर स्थानीय तिलकामांझी थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकी की प्रतिलिपि और पुलिस द्वारा समिति के सबौर स्थित कार्यालय से जब्त किए गए कागजातों की टीम के सदस्यों ने जांच की।

सूत्रों ने बताया कि टीम ने इसके अलावा जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से भी जानकारियां हासिल की। हालांकि इस संबंध में विस्तृत जानकारी नहीं मिल सकी है। गौरतलब है कि भागलपुर समाहरणालय स्थित जिला विकास शाखा ने वर्ष 2014 में 10 करोड़ 20 लाख 15 हजार रुपये का एक चेक इंडियन बैंक के नाम से निर्गत की थी। उक्त राशि मुख्यमंत्री नगर विकास योजना के खाते में जमा होनी थी लेकिन बाद मे पता चला कि यह राशि मुख्यमंत्री नगर विकास योजना के खाते में जमा न होकर सृजन महिला समिति के खाते में जमा कर दी गई है।

सूत्रों ने बताया कि इंडियन बैंक और सृजन समिति की मिलीभगत से इतनी बड़ी सरकारी राशि का गबन किया गया। फिलहाल उक्त खाते से दस करोड़ 26 लाख 58 हजार रुपए गायब हैं। मामले की जानकारी मिलने के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर नजारत शाखा के लिपिक ने इंडियन बैंक के प्रबंधक और सृजन महिला विकास सहयोग समिति के सभी पदाधिकारियों के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है।

इस बीच भागलपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि उक्त चेक पर जिलाधिकारी का फर्जी हस्ताक्षर है और इसी के सहारे इतनी बड़ी राशि हड़पने का षड्यंत्र रचा गया था। गबन के इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) की भी एक टीम गठित कर दी गई है। उन्होंने बताया कि सृजन के सभी बैंक खातों को सील कर दिया गया है। वहीं, इस मामले में यदि जिला प्रशासन के किसी अधिकारी अथवा कर्मचारी की संलिप्तता पायी गयी तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।