बिहार के राज्यपाल से मिले तेजस्वी , राज्यपाल फैसले के खिलाफ जायेंगे अदालत


पटना: बिहार विधानसभा में एकमात्र सबसे बड़ी पार्टी राजद से पहले नीतीश कुमार को सरकार बनाने के लिए आमंत्र्तित किए जाने पर अपना विरोध दर्ज कराने के लिए आज तेजस्वी यादव ने बिहार के राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी से मुलाकात की। राज्यपाल ने नीतीश कुमार से कहा है कि वह आज 10 बजे शपथ लेने के बाद दो दिन के भीतर विधानसभा में अपना बहुमत साबित करें। नीतीश कुमार ने कल रात मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

इस इस्तीफे के पीछे का कारण राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी के साथ नीतीश की तनातनी को माना जा रहा है। तेजस्वी पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं लेकिन नीतीश के कहने के बावजूद उन्होंने उपमुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था। नीतीश कुमार की कल रात राज्यपाल के साथ मुलाकात के बाद तेजस्वी राजद के कुछ विधायकों और नेताओं को लेकर त्रिपाठी से मिलने राजभवन गए। उन्होंने मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, “एकमात्र सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते राजद को सरकार बनाने के लिए आमंत्र्तित किया जाना चाहिए। हम कानूनी सलाह ले रहे हैं और राज्यपाल के फैसले के खिलाफ हम अदालत जाएंगे।

“उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने महागठबंधन को पांच साल तक सरकार चलाने का जनादेश दिया था। नीतीश कुमार ने इस जनादेश के साथ ‘विश्वासघात’ किया है। उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार के खिलाफ राज्य भर में विरोध प्रदर्शन होंगे और उनका बाहर कहीं जाना मुश्किल हो जाएगा। तेजस्वी ने दावा किया कि उनके पास अधिकांश जदयू विधायकों का समर्थन है। उन्होंने कहा, मुझे यकीन है कि सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्ध जदयू के अधिकतर विधायक शक्तिपरीक्षण में सरकार के खिलाफ मतदान करेंगे।

तेजस्वी ने कहा कि राज्यपाल ने उन्हें बताया कि उन्होंने पहले ही नीतीश कुमार को सरकार बनाने के लिए निमंत्रण दे दिया है और अब निमंत्रण पत्र को वापस लेना संभव नहीं है। बैठक में तेजस्वी के साथ उनके भाई तेज प्रताप यादव, पार्टी के वरिष्ठ नेता- अब्दुल बारी सिद्दीकी, रघुवंश प्रसाद सिंह, जगदानंद सिंह और पार्टी प्रवक्ता मनोज झा मौजूद थे।

उन्होंने नीतीश कुमार के इस्तीफे को उनके और राजग के बीच एक पूर्व नियोजित षडयंत्र  करार दिया। इन्होंने शपथ ग्रहण समारोह को शाम पांच बजे के बजाय सुबह दस बजे कराने पर भी सवाल उठाया। बैठक के बाद तेजस्वी ने संवाददाताओं से कहा, यह पूरा नाटक पूर्व नियोजित था और नीतीश कुमार के लिए तेजस्वी महज एक बहाना था ताकि वह भाजपा के साथ जा सकें।