महागठबंधन नेताओं के कारण नहीं हो पा रहा बिहार का विकास : भाजपा


Bharatiya Janata Party

पटना : बिहार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि केन्द्र की नरेंद्र मोदी सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूल मंत्र को लेकर लोगों से किए गए वादों को पूरा करने में लगी हुई हैं लेकिन प्रदेश में सत्तारूढ़ महागठबंधन के घटक दल के नेताओं की करतूतों के कारण प्रदेश का विकास नहीं हो पा रहा है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय ने केन्द्र की नरेंद्र मोदी सरकार के तीन वर्षों का कार्यकाल पूरा होने के मौके पर पार्टी विधानमंडल दल के नेता एवं पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय की उपस्थिति में प्रदेश मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि श्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से जो वादे किए थे उसे केंद्र सरकार हर हाल में पूरा करने में लगी है।

प्रधानमंत्री अपने इस संकल्प को पूरा करने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। श्री राय ने कहा कि केंद्र सरकार जहां अपने वादों को पूरा करने में लगी हुई है वहीं बिहार की महागठबंधन सरकार केंद्र प्रायोजित योजनाओं की अनदेखी कर रही है। महागठबंधन के घटक दल के नेताओं की करतूतों के कारण प्रदेश में जहां अपराध और भ्रष्टाचार का बोलबाला है वहीं विकास अवरुद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने नौजवानों को जो रोजगार देने का वादा किया था उसे भी पूरा किया जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार वित्तीय वर्ष 2015-16 में 19, 566 करोड़ रुपये, वर्ष 2016-17 में 38,376 करोड़ रुपये तथा वर्ष 2017-18 में 36,996 करोड़ रुपये की राशि बिहार को दे चुकी है।

यह राष्ट्रीय केन्द्रीय कर के अलावा दी गई राशि है। उन्होंने कहा कि केंद्र से मिली राशि बिहार सरकार खर्च नहीं कर पा रही है और यह राशि लौट जा रही है, इस कारण सही मायने में विकास नहीं हो पा रहा है। श्री राय ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2015-16 में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ है कि 182 योजनाएं ऐसी थीं जिनमें एक पैसे का उपयोग नहीं हो सका और राज्य सरकार को इसकी राशि वापस करनी पड़ी । उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की मुद्रा योजना के तहत अभी तक सात करोड़ लोगों को रोजगार मुहैया कराया गया है ।

आजादी के बाद से रोजगार सृजन के लिए अबतक का यह सबसे बड़ा तथा महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण के आवंटन को लगातार बढ़ाती रही है । वर्ष 2015-16 में केंद्र ने इस मद में बिहार के लिए 185 करोड़ रुपये का आवंटन किया था । वहीं, वर्ष 2016-17 में दो हजार करोड़ रुपये जबकि चालू वित्तीय वर्ष में इस मद में 2,728 करोड़ रुपये प्रस्तावित है । उन्होंने कहा कि केंद्र के सहयोग के बाद भी बिहार सरकार द्वारा इस राशि का खर्च नही कर पाना दुखद है ।

श्री राय ने कहा कि गरीबों को रोजगार मुहैया कराने के लिये मनरेगा के तहत वर्ष 2016-17 में केंद्र ने 1,443.61 करोड़ रुपये बिहार को आवंटित किया था । यह राशि बिहार को अब तक दी गयी राशि से 1,028.40 करोड़ रुपये से अधिक है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016-17 में इस योजना पर कुल 2,204.02 करोड़ रुपये जबकि वर्ष 2015-16 में इसी मद में केंद्र ने 1,625.97 करोड़ रुपये खर्च किये थे । वर्ष 2016-17 में बिहार के 23.33 लाख परिवार इस योजना से लाभान्वित हुए । प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय गांव ज्योति योजना के तहत हर गांव के हर घर में वर्ष 2018 तक बिजली पहुचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इस योजना में केंद्र सरकार ने 5,856 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है जिसमें से एक हजार करोड़ रुपये बिहार सरकार को उपलब्ध करा दिया गया। उन्होंने कहा कि बिहार में पिछले तीन सालों में इस योजना के तहत 2,351 गांवों का विद्युतिकरण किया गया। बिहार मे अभी भी 319 गांवों का विद्युतिकरण करना शेष है। श्री राय ने कहा कि केंद्र सरकार ने नोटबंदी कर गरीबों कें हित एवं आर्थिक आजादी के लिये कालेधन पर कड़ा प्रहार किया है।

नकली नोटों एवं काले धन की समस्या से जूझ रही भारतीय अर्थव्यवस्था को नया आयाम मिला। उन्होंने कहा कि नोटबंदी से राजनीति में कालेधन रखने वाले नेताओं, आतंकवाद, नक्सलवाद एवं भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की पहल पर राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग को संवैधानिक दर्जा देने का प्रस्ताव लोकसभा में पारित हुआ लेकिन विपक्ष के अड़यिल रवैये के कारण राज्यसभा में पारित नहीं हो सका। प्रधानमंत्री श्री मोदी के राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने का प्रण हर हाल में पूरा होगा।

– वार्ता