भाजपा की मांग हास्यास्पद


पटना : भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानन्द राय की बिहार के शिक्षा मंत्री डा. अशोक चौधरी को मंत्रिमण्डल से वर्खास्त करने की मांग को प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता एच.के. वर्मा ने हास्यास्पद बताया है। उन्होंने कहा कि अपने डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में शिक्षा मंत्री डा. अशोक चौधरी लगातार शिक्षा में सुधार के लिये प्रयासरत रहे हैं। उन्होंने मैट्रिक एवं इन्टरमीडियट की हाल में संपन्न परीक्षा कदाचार मुक्त कराने में सफलता पायी। उन्होंने कहा कि परीक्षा में कड़ाई के साथ, अब विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई के लिये, योग्य शिक्षकों की बहाली की प्रक्रिया प्रारम्भ हो गयी है।

श्री वर्मा ने कहा कि दूसरी ओर 2016-17 में केन्द्र सरकार के उच्च शिक्षण संस्थान, केन्द्रीय विश्वविद्यालय, आई.आई.टी., आई.आई.एम., एन.आई.टी. में शिक्षकों के 43 प्रतिशत रिक्त पड़े हैं। इन संस्थानों में छात्रों की 6000 सीटें रिक्त हैं। जे.एन.यू., गुजरात केन्द्रीय विश्वविद्यालय और उच्च शिक्षा के अन्य संस्थानों में एम. फिल और पी.एच.डी. की सीटों में 84 प्रतिशत की व्यापक कटौती की गयी है। विश्वविद्यालय एवं उच्च शिक्षा के संस्थानों में योग्यता को छोड़कर, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की पसन्द के कुलपतियों की नियुक्ति हो रही है।

इन त्रुटियों पर भाजपा नेता मौन हैं? श्री वर्मा ने कहा कि हाल में उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की अनुआई में माध्यमिक परीक्षा में बड़े पैमाने पर कदाचार हुई, इस पर भाजपा नेता मौन हैं। उन्होंने कहा कि जबसे डा. अशोक चौधरी ने बिहार के शिक्षा मंत्री का कार्यभार संभाला है, प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सुधार हुआ है।

2016 एवं 2017 के बिहार के मैट्रिक एवं इन्टरमीडियट की परीक्षाएं कदाचार मुक्त हुईं। इन्टरमीडियट 2017 की परीक्षा में बड़ी संख्या में छात्र फेल हुए इस पर उच्च स्तरीय शिक्षा विदों की कमिटी विचार कर रही है इस रिपोर्ट पर शिक्षा विभाग कड़ी कार्रवाई करेगी, माध्यमिक स्तर पर योग्यता के आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रियाधीन है।