जातीय राजनीति के कारण कृषि का विकास नहीं: मस्त


पटना: उत्तर प्रदेश के भदोही से सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने आरोप लगाया कि बिहार में जातीय राजनीति के कारण कृषि का विकास नहीं हो पा रहा है। मस्त ने यहां पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जातीय राजनीति के कारण बिहार कृषि के क्षेत्र में आगे नहीं बढ़ पा रहा है। राज्य में सत्तारुढ़ महागठबंधन के बड़े घटक राजद के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि जाति की राजनीति करने वाले लोग बिहार जैसे कृषि प्रधान राज्य में सरकारी खजाना लूटने को जनादेश मान रहे है।

सांसद ने कहा कि राजद की पहली शर्त यह है कि घाट, बाट, हाट लूटेंगे और ठाठ से रहेंगे। इसलिए यादव के राज में किसानों की समृद्धि नहीं हो सकी। यादव को उन्होंने सलाह देते हुए कहा कि संकट के समय उन्हें धैर्य रखना चाहिए क्योंकि उन्होंने जो किया है वहीं दिखायी पड़ रहा है और पूर्व में भी यही दिखा है। मस्त ने कहा कि विकास केन्द्रीत राजनीति होने पर ही बिहार तेजी से आगे बढ़ेगा। जातीय राजनीति किसानों को आगे बढ़ने से रोक रही है।

उन्होंने कहा कि केंद्र की योजनाओं का समुचित लाभ बिहार के किसानों को नहीं मिल पा रहा है। केंद्र की योजनाओं को किसान और देश के हित में लागू नहीं कर के लोगों के साथ धोखा कर रही है। भाजपा सांसद ने कहा कि बिहार में कृषि यंत्रों में अनुदान दिये जाने में बड़े पैमाने पर लूट खसोट की जानकारी उन्हें मिली है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इसकी जांच करानी चाहिए।

इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी। मस्त ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की समृद्धि के लिए कई योजनाएं शुरु की है जिनमें प्रधानमंत्री सिंचाई योजना, प्रधानमंत्री सड़क योजना, दीनदयाल ज्योति योजना समेत कई अन्य योजनाएं शामिल हैं। उत्तर प्रदेश की सरकार ने किसानों के हित के लिए कई कारगर कदम उठाये हैं जिससे वहां के किसान उन्नति पर है।

(वार्ता)