राजस्व संग्रह में कोताही सहन नहीं


पटना, (जेपी चौधरी) : राजस्व संग्रह में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही साथ, राजस्व से जुड़े व्यवहारिक पक्ष अथवा सुझाव का स्वागत है। उक्त बातें राज्य के वित्त मंत्री अब्दुलबारी सिद्दिकी ने सचिवालय स्थित सभा कक्ष में राजस्व संग्रहण से जुड़े विभागों की एक समीक्षात्मक बैठक में कही। श्री सिद्दिकी ने 1 जुलाई 2017 से लागु जी0 एस0 टी0 के अन्तर्गत निबंधित व्यवसायी तथा वास्तविक कर प्रदान करने वाले व्यवसायियों की गणना करते हुए जीएसटी के कारण राज्य के कर-संग्रहण में पडऩे वाले प्रभाव की ससमय समीक्षा करने का निदेश देते हूए कहा कि नियमानुकुल पेशाकर का दायरा भी बढ़ाए जाने की जरूरत है।

श्री सिद्दिकी ने वाणिज्यकर विभाग को उनके वार्षिक लक्ष्य 25000 करोड़ रूपया को निर्धारित समय में पुरा करने का निदेश देते हूए कहा कि किसी भी सूरत में व्यापारियों को अनावश्यक रूप से तंग नहीं किया जाए। निबंधन विभाग को जीपीएस संयोजन कार्य का समय सीमा निर्धारित करते हूए अतिरिक्त राजस्व जुटाने का निर्देश देते हुए सिद्दिकी ने कहा कि वार्षिक लक्ष्य 4000 करोड़ रूपया को प्राथमिकता के रूप में स्वीकार किया जाए।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को भूमि पर लगने वाले कर एवं उपकर को सेस सहित न्यूनतम 100 रुपये करने का निदेश दिया गया। साथ ही साथ 2017-18 वार्षिक लक्ष्य 600 करोड़ रूपये से बढ़ा कर 1000 रुपये0 करने का निदेश देते हुये श्री सिद्दिकी ने कहा कि भूमि अद्यिग्रहण पर लगने वाले शासकीय खर्च की राशि का पैसा कोषागार के माध्यम से राज्य सरकार के समेकित निधि में जमा की जाए। सुदुर ग्रामीण क्षेत्रों में लगने वाले हाटों पर सरकारी नियंत्रण की आवश्यकता जताते हुए श्री सिद्दिकी ने कहा कि ऐसे हाटों का सर्वक्षण कराया जाना चाहिए ताकि ग्रामीण व्यपारियों को स्थानीय दबंगों के भयादोहन से मुक्ति मिल सके और सरकारी राजस्व की वृद्धि हो सके।

राजस्व विभाग से बताया गया कि कुछ बहुद्देशीय तालाबों को छोड़कर बाकी का हस्तांतरण मत्स्य विभाग को कर दिया गया है। बैठक में सर्टिफिकेट केस में बकाया राशि के वसूली पर प्रोत्साहन योजना लागू करने का भी निर्णय लिया गया। परिवहन विभाग की ओर से बताया गया कि 14 बस टर्मिनल के आधुनिकीकरण के प्रस्ताव को अमली जामा पहनाने का काम अंतिम चरण में है। आउटोमेशन के साथ साथ जीएसटी लागू होने के कारण रोड टैक्स एवं निबंधन पर पडऩे वाले प्रभावों की तुलनात्मक समीक्षा, खासकर तमिलनाडु एवं महाराष्ट्र के तर्ज पर किए जाने का निर्देश दिया गया।

श्री सिद्दिकी ने बस डीपो के आधुनिकीकरण के साथ वाणिज्यिक दृष्टिकोण से उन्नत बनाने की दिशा में एक कार्य योजना तैयार करने का निदेश दिया। खान एवं भूतत्व विभाग की ओर से बताया गया कि ई-चालान प्रणाली लागू हो चूकी है। परन्तु अपेक्षित सफलता नहीं मिल पा रही है। श्री सिद्दिकी ने विभागीय अधिकारियों को 1350 रुपये करोड़ वार्षिक लक्ष्य ससमय हाशिल करने निदेश देते हुये कहा कि बाढ़ के कारण जमा होने वाल बालू की निलामी की एक ठोस कार्य योजना तैयार की जाय। बैठक में निबंधक महानिरीक्षक आदित्य कुमार दास, अपर आयुक्त वाणिज्यकर सच्चिदानंद झा, राज्य परिवहन आयुक्त राम किशोर सिंह, राजस्व एवं भूमि सुधार विनोद कुमार झा, खान एवं भूतत्व सतीश कुमार सिन्हा एवं वित्त विभाग के संजीव मित्तल भी उपस्थित रहे।