जीएसटी से पंचायतों पर पड़ेगा विपरीत असर


ग्राम पंचायतों में जीएसटी लागू होने के बाद जीएसटी की चर्चा नहीं हो रही है, जबकि जीएसटी से पंचायतों के पास वित्तीय संसाधनों की कमी होने वाली है। डा. जगन्नाथ मिश्र ने वित्त मंत्री अरूण जेटली से वस्तु एवं सेवा कर के लिए जीएसटी की बैठक में करों की समीक्षा करते समय पंचायतों के वित्तीय संसाधनों का प्रबंध और संविधान के अंतर्गत मिलने वाली वित्तीय अधिकार का संरक्षण करने एवं पंचायतों के व्यापक हित में विचार करने की अपील करते हुए कहा है कि जीएसटी का केन्द्र और राज्य स्तर पर क्या प्रभाव पड़ रहा रहा है इसकी चर्चा जीएसटी बैठक में तो होती है परतु, 2,40,930 पंचायतें हैं जिनमें 31 लाख से ज्यादा जनता के प्रतिनिधि कार्यरत हैं।

वहां जीएसटी का पंचायतों पर क्या असर पड़ रहा है इसकी चर्चा नहीं हो रही है। यह स्थिति गंभीर बनी हुई है। पंचायतों को संविधान संशोधन द्वारा स्वायत्त संसाधन संस्थानों को तरजीह देते हुए कहा गया कि पंचायतें अपने स्तर पर आर्थिक विकास एवं सामाजिक न्याय की योजनाएं बना सकता है। पंचायती राज 73वां संविधान संशोधन के बाद पंचायतों को अपने वजूद में आये दो दशक से ज्यादा हो गया। पर ये संस्थाएं अभी राज्य और केन्द्र सरकार पर ही पूर्णत: आश्रित हैं।