चारा घोटाले के चौथे मामले में लालू यादव दोषी करार, जगन्नाथ मिश्रा बरी


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चारा घोटाले के दुमका केस में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव को दोषी करार दिया है। इस मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा को बरी कर दिया गया है। बता दें कि चारा घोटाला के चौथे मामले में 31 आरोपी हैं। जगन्नाथ मिश्रा के अलावा एमसी सुवर्णो, ध्रुव भगत और अधीप चंद को भी बरी कर दिया गया है। जबकि अजीत कुमार वर्मा, आनंद कुमार सिंह, नंद किशोर और महेंद्र सिंह वेदी को दोषी पाया गया है।

आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव फिलहाल रांची के रिम्स अस्पताल में भर्ती थे। लेकिन अब वह अस्पताल से कोर्ट के लिए रवाना हो गए हैं। बिरसा मुंडा जेल में तबीयत खराब होने के बाद उन्हें पिछले दिनों अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

आपको बता दें कि लालू यादव पहले से ही चारा घोटाला के तीन दूसरे मामलों में दोषी ठहराये जाने के बाद से रांची की बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं। चारा घोटाले के दुमका कोषागार मामले में 3 करोड़ 13 लाख रुपये का गबन हुआ था। यह मामला दिसंबर 1995 से जनवरी 1996 के बीच दुमका कोषागार (ट्रेजरी) से 13.13 करोड़ रुपये फर्जी तरीके से निकालने का है।

चारा घोटाला मामले में 15 मार्च को ही फैसला आना था लेकिन लालू ने कोर्ट में याचिका डालकर इस मामले में तत्कालीन अकाउंटेंट जनरल को आरोपी बनाने की मांग की। जिसकी वजह से फैसला टला, फिर 17 मार्च को फैसला होना था लेकिन सीबीआई की विशेष अदालत के जज शिव पाल सिंह के ज्यूडिशियल एकेडमी में चल रहे कार्यक्रम में शामिल होने की वजह से फैसला टला।

पूर्व केंद्रीय मंत्री को चारा घोटाले के पहले मामले में वर्ष 2013 में पांच वर्ष की सजा सुनाई गई थी। इस घोटाले के दूसरे मामले में लालू को 23 दिसंबर 2017 को दोषी ठहराया गया था और 6 जनवरी को लालू को साढ़े तीन साल कैद की सजा सुनाई गई थी। तीसरे मामले में उन्हें चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी के लिए 24 जनवरी को दोषी ठहराया गया था और पांच साल की सजा दी गई थी।

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