बीजोपचार से कम लागत में होगा अधिक उत्पादन : कृषि मंत्री


Dr. Prem Kumar

कृषि मंत्री डा. प्रेम कुमार ने कहा कि रबी फसलों की बोआई प्रारंभ हो गई है। किसान भाईयों से अपील है कि फसलों की बोआई से पूर्व बीजों का उपचार अवश्यक करें। बीज उपचार करने से फसलों में रोग-वयाधि लगने की संभावना काफी कम हो जाती है। रबी फसलों में भरपूर उत्पादन लेने के लिए यह जरूरी है कि उन्नत एवं प्रतिरोधी प्रभेदों के स्वच्छ, स्वस्थ एवं पुष्ट बीज की बुआई करें। फसलों के उत्पादन में बीज उपचार की महत्ता को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा बीज टीकाकरण अभियान चलाया जाता है।

सरकार द्वारा चलाये जा रहे बीज टीकाकरण कार्यक्रम के अन्तर्गत कार्बनडाजिम 50 प्रतिशत धुलचूर्ण पर 550 रुपये प्रति किलोग्राम, क्लोरोपायरीफॉस 20 प्रतिशत ईसी पर 330 रुपये प्रति लीटर तथा जैविक खेती के लिए बीजोपचार हेतु ट्राइकोडरमा पर कीमत का 50 प्रतिशत अनुदान कृषकों को देने का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त दलहनी फसलों के बीजोपचार हेतु राइजोबियम कल्चर कृषि विज्ञान केन्द्र एवं बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर, भागलपुर से प्राप्त किया जा सकता है।

कृषि मंत्री ने कहा कि बीजों में अन्दर एवं बाहर रोगों के रोगाणु सुसुप्तावस्था में मौजूद रहते हैं, इसी प्रकार मिट्टी में एवं हवा में भी मौजूद रहते हैं। ये अनुकूल वातावरण मिलने पर अंकुरित पौधो पर रोगों के लक्षण के रूप में प्रकट होते हैं। फसल में रोग के कारक फफूंद रहने पर फफूंदनाशी से जीवाणु रहने पर जीवाणुनाशक से, सूत्रकृमि रहने पर सौर उपचार या कीटनाशी से उपचार किया जाता है, मिट्टी में रहने वाले कीटों से बीज की सुरक्षा के लिए कीटनाशी से बीजोपचार किया जाता है। बीजोपचार बहुत ही सस्ता एवं सरल उपाय है। इसे कर लेने में लागत का ग्यारह गुणा लाभ एवं कभी-कभी महामारी की स्थिति में 40 से 80 गुणा तक लागत में बचत होती है।