परीक्षा में गड़बड़ी के लिए नीतीश जिम्मेदार


पटना : बिहार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम में बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ी के लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी को जिम्मेवार ठहराते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार अपनी करतूत को छुपाने के लिए इसमें शामिल आरोपियों को बचाने में लगी है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद नित्यानंद राय ने यहां पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इंटर परीक्षा के परिणाम में लगातार तीसरे वर्ष विवाद हुआ है जिसके कारण छात्र-छात्राओं के साथ ही उनके अभिभावक भी परेशान हैं।

परीक्षा परिणाम में बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ी एवं घोटाले के कारण बिहार की शिक्षा एवं बौद्धिकता से जुड़ी छवि देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी खराब हुई है। श्री राय ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कुमार को यह बताना चाहिए कि इंटरमीडिएट का परिणाम आने के बाद कला संकाय में टॉपर बने गणेश को उनकी पार्टी जनता दल यूनाईटेड (जदयू) दलित बताकर बचाव करने में जुट गयी लेकिन गणेश के उम्र को लेकर उठे विवाद के बाद उनकी पार्टी ने चुप्पी साध ली। विवाद के बाद अब इस पूरे मामले में गणेश को केन्द्र में रखकर राज्य सरकार के साथ ही प्रशासन भी ठीकरा फोडऩे में लगी है।

उन्होंने कहा कि कला संकाय के टॉपर बने गणेश यदि दोषी है तो उसे सजा मिले लेकिन ऐसा लगाता है कि सरकार गणेश को ङ्क्षकगपिन की तरह मोहरा बनाकर उसकी आड़ में अपनी करतूत छुपाने के लिए इसमें संलिप्त कई लोगों को बचाने में लगी है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि जिस इंटरमीडिएट की परीक्षा में 12 लाख छात्र-छात्राएं शामिल हुए हो तो इसके लिए सरकार की जिम्मेवारी बनती है। राज्य सरकार इंटर परीक्षा परिणाम की उच्चस्तरीय जांच कराये और इसमें संलिप्त लोगों को बेनकाब कर सजा दिलाये।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 12 लाख छात्रों से जुड़े इस मामले में हल्की दलील की आड़ लेकर अपनी जिम्मेवारी से पल्ला नहीं झाड़ सकती। श्री राय ने कहा कि सरकार की ओर से यह कहा जा रहा है कि जिन 650 स्कूलों के एक भी छात्र इंटरमीडिएट की परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं हुए हैं उन सभी स्कूलों के शिक्षकों को बर्खास्त करने पर विचार किया जा रहा है।

सरकार जख्म का इलाज न कर अंग को ही काट कर फेंक देना चाहती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गणुवत्ता के लिए शिक्षकों को आधुनिक शिक्षा की जरूरत होती है और उसके लिए प्रशिक्षण अनिवार्य होता है लेकिन इसकी व्यवस्था नहीं की गयी। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि परीक्षा परिणाम विवाद के बाद सरकार के स्तर से कोई भी गंभीर कदम नहीं उठाया गया बल्कि सिर्फ खानापूर्ति की गयी ।

परिणाम से नाराज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस और सामान्य प्रशासन की ओर से दमनात्मक कार्रवाई की गयी जिसमें 24 से अधिक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गये। उन्होंने कहा कि सरकार निरंकुश शासक की तरह व्यवहार कर रही है और छात्रों-युवाओं के साथ ही विपक्ष की आवाज को दबाना चाहती है। छात्रों के साथ न्याय नहीं होने पर उनकी पार्टी चैन से बैठने वाली नहीं है।