बदहाल शिक्षा व्यवस्था के लिए नीतीश जिम्मेदार


पटना : प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने बयान जारी कर कहा है कि विगत दस-बारह सालों में बिहार के शिक्षा स्तर में जो भारी गिरावट आई है उसके लिए बिहार का बच्चा-बच्चा जानता है कि एक ही शख्स जिम्मेदार है और वह है मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। बस एक ही आंकड़ा लेकर ये बैठ गए हैं कि पिछली सरकार की अपेक्षा इनके कार्यकाल में दाखिलों में इजाफा हुआ। ये इतने आत्ममुग्ध है कि इस इजाफे के लिए जिम्मेदार अधिक कारगर कारणों की जानबूझकर अनदेखी करते हैं।

यूपीए के कार्यकाल में सर्व-शिक्षा अभियान में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए किए गए भारी आवंटन, बजट बढ़ोतरी और मिड डे मील जैसी योजनाओं की बदौलत बढ़े दाखिले का सेहरा बड़ी चतुरता से बस अपने सिर पर ही सजाते हैं। ये भूल जाते हैं कि यूपीए सरकार के सहयोग के बगैर शिक्षा के क्षेत्र में एक भी योजना को अमलीजामा पहनाना असम्भव था। श्री यादव ने कहा कि ये कभी बिहार में शिक्षा के निरन्तर गिरते स्तर पर एक शब्द नहीं बोलते हैं। क्या शिक्षा के गिरते स्तर पर मुख्यमंत्री ने कभी चिंता ज़ाहिर की?

अपने होनहार विद्यार्थियों के जरिए पूरे देश में अपने शिक्षा का डंका बजवाने वाला बिहार अचानक अपनी शिक्षा के गिरते स्तर, नकलए विलम्ब से परीक्षा परिणाम और अप्रशिक्षित शिक्षकों के लिए जाना जाने लगा। क्या ये बताएंगे कि इन्होंने अपने 12 साल के कार्यकाल में नियमित शिक्षकों की बहाली क्यों नहीं की? पुलिस सिपाही के लिए बिहार में लिखित परीक्षा ली गयी लेकिन विधार्थियों का भविष्य गढऩे वाले शिक्षको के लिए नीतीश जी ने लिखित परीक्षा नहीं ली।

और आज जब पूरे देश में इनकी शिक्षा नीति की थ-थू हो रही है तो अब ये 50 वर्ष से ऊपर के शिक्षकों को हटाने का नाटक रच रहे है। अगर कोई क़ाबिल नहीं है तो उसे हटाने के किए उम्र की सीमा क्यों? बिहार की गिरती हुई शिक्षा व्यवस्था के सिर्फ और सिर्फ जिम्मेवार आप है। उन्होंने कहा कि यह समझने के लिए रॉकेट विज्ञान की आवश्यकता नहीं कि तत्कालीन योजना आयोग के प्रति पंचवर्षीय योजना में पिछली योजना के मुकाबले, बड़ी होती अर्थव्यवस्था के फलस्वरूप पंचवर्षीय योजना में बढ़ते आवंटन के फलस्वरूप स्कूलों में दाखिले में बढ़ोतरी होते चली गयी।

शिक्षा को ऐसी दयनीय स्थिति में लाने के जिम्मेवार आप है और उसकी गाज आप 50 पार शिक्षकों पर गिराना चाहते है। आप भी तो 65 पार है आपसे राज्य नहीं संभल रहा तो आप भी सन्यास लीजिये। कम से कम बिहार की शिक्षा व्यवस्था का तो सुधार होगा और बिहार की जनता को आप जैसे अवसरवादी मुख्यमंत्री के हाथों जनादेश का अपमान नहीं सहना पड़ेगा। शिक्षा से खिलवाड़ कर राज्य के छात्रों भविष्य से खेलने के प्रयास की राजद कड़े शब्दों में भत्र्सना करता है। हम बिहार में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मांग उठाते रहे है और अगर सरकार नहीं चेती तो शिक्षा और शिक्षकों की मांगों को लेकर आंदोलन करेंगे।