नीतीश-सुशील की सरकार बनने पर नि:शुल्क सवारी करा रहा रिक्शाचालक


बेतिया : अपने रोल मॉडल के प्रति दीवानगी में कई बार फैंस कुछ ऐसा कर जाते हैंए जो पसंद आने के साथ चर्चा का विषय बन जाता है। और बात जब राजनीति की हो तो शुचिता की राजनीति के अभाव वाले इस दौर में नेताओं से प्रेम करने वाले शायद ही मिलते हैं। लेकिन, बिहार में बेतिया के इस रिक्शाचालक के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सबसे अलग हैं। उनकी ‘सुशासन बाबू’ वाली छवि ने इस रिक्शे वाले के दिलो दिमाग में दीवानगी की हद तक ऐसा जुनून पैदा कर दिया है कि वह रविवार को सुबह से शाम तक लोगों को रिक्शे की मुफ्त सवारी कराता रहा।

रिक्शे के आगे मुफ्त सवारी की तख्ती लगाकर वह लोगों को उनकी मंजिल तक पहुंचाता रहा। चुरामनपट्टी वार्ड नंबर 02 नया टोला निवासी इंद्रजीत साह यह सेवा कार्य 31 जुलाई तक करेगा। इस गरीब की दीवानगी का आलम यह है कि दो अन्य रिक्शा भी भाड़े पर लेकर नि:शुल्क चलवा रहा है। इस एवज में रिक्शा चालक हरिशंकर साह व रंजन ठाकुर को प्रतिदिन की दर से 250-250 रुपए का भुगतान कर रहा है। उसने नि:शुल्क रिक्शा परिचालन के लिए सवारियों की प्राथमिकता भी तय कर दी है।

इस ऑफर में दिव्यांग, बुजुर्ग व बीमार लोगों को विशेष तरजीह दी जा रही है। इंद्रजीत की ख्वाहिश है कि इस बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समाज से दहेज प्रथा को समाप्त कराने की पहल करें। उसका कहना है कि नीतीश ने मुख्यमंत्री के तौर पर राज्य व गरीबों के लिए काफी कुछ किया है। शराबबंदी जैसे उल्लेखनीय काम किए। बच्चे-बच्चियों को साइकिलए पोशाक आदि भी उपलब्ध कराए। उनके द्वारा फिर से भाजपा के समर्थन से सरकार बनाने से काफी प्रसन्नता है।  रविवार को रिक्शा की सवारी करने वाले उमेश कुमार, छोटे मियां, प्रमोद मिस्त्री आदि ने कहा कि काफी प्रयास के बाद भी उसने पैसे लेने से मना कर दिया।