लालू को सिर्फ परिवार की चिंता


पटना : जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने मीडिया के सामने अपनी राय रखा कि विशेष जाति, समुदाय के नाम पर राजनीति करने वाला लालू यादव जी का परिवार खुद को दलित और वंचितों का मसीहा बताता रहा है। ऐसे में किसी गरीब को क्यों नहीं विपक्ष का नेता बनाते, क्या पार्टी के अंदर सारी काबिलियत सिर्फ यादव परिवार के पास ही है। क्या राजद में दूसरा कोई व्यक्ति योग्य नहीं है। विधान परिषद में संख्या बल है नहीं, लेकिन जिद ऐसी कि मानो बिना सुविधा जीना मुहाल है।

यह पार्टी केवल सुविधा की राजनीति करती है और कभी परिवार से बाहर निकलकर नहीं सोच सकती। उन्होंने कहा कि लालू यादव जी से आग्रह है कि पनामा छोड़ अपना कारनामा बताने का कष्ट करें। पूरा परिवार भ्रष्टाचार का कालिख चेहरे पर लगा रखा है और लालू जी दूसरों को आईना दिखाते फिर रहे हैं। एक तरफ कोर्ट में गिड़गिड़ा रहे हैं वहीं दूसरी तरफ बाहर मीडिया में दहाड़ रहे हैं।

जनता सब देख और समझ रही है। राजनीति अब इन लोगों के बस का नहीं इन्हें तो बस खुद को बचाने के लिए कानूनी लड़ाई लडऩे की जरुरत है। क्रांति दिवस के दिन चेहरे पर बदनामी का दाग लेकर घुमने से जन आंदोलन नहीं होने वाला है। जेल यात्रा का खतरा सिर पर है और ये जन यात्रा में निकल रहे हैं।

राजद जो परिवारवाद का नग्न पोषक है उसके द्वारा एक दागदार नेता को क्रांति दिवस के दिन जन यात्रा पर निकालना आजादी के महानायकों को अपमान है। चारा से लारा तक का सफर तय करने वाले लोग अब क्रांति दिवस बना रहे हैं यह बेहद दु:खद और शर्मनाक बात है।